Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

CCL का स्वर्णिम वर्ष: ऊर्जा, पर्यावरण व मानव कल्याण के समावेशी विकास की प्रेरक गाथा

Ranchi : देश की ऊर्जा की रीढ़ मानी जाने वाली सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने वित्त वर्ष 2024-25 में ऐसे कीर्तिमान रच दिए हैं, जो न केवल कोयला उत्पादन के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज होंगे, बल्कि हरित ऊर्जा, सामाजिक सरोकार और तकनीकी नवाचार में भी मार्गदर्शक बनेंगे.
कोयला उत्पादन में ऐतिहासिक छलांग
सीसीएल ने इस वर्ष 87.55 मिलियन टन कोयला उत्पादन और 85.9 मिलियन टन प्रेषण कर एक नया इतिहास रच दिया. यह आंकड़ा मात्र एक उपलब्धि नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की ऊर्जा को नई गति देने वाला एक महत्वपूर्ण पड़ाव है. इस सफलता में निम्नलिखित परियोजनाओं की अहम भूमिका रही • आम्रपाली-चंद्रगुप्ता • बरकासयाल • मगध-संघमित्र • पिपरवार • उत्तर कर्णपुरा • रजरप्पा • राजहरा इन परियोजनाओं ने न केवल उत्पादन में, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध प्रेषण में भी अग्रणी योगदान दिया है.
हरित ऊर्जा की ओर निर्णायक कदम
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सीसीएल की सोच अब योजनाओं से आगे बढ़कर जमीनी क्रियान्वयन तक पहुंच चुकी है • 287.9 लाख यूनिट सौर ऊर्जा उत्पादन • 25.25 मेगावाट सौर क्षमता स्थापित • 20,000 टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन की रोकथाम रजरप्पा क्षेत्र में मियावाकी पद्धति से विकसित किए गए घने वन सीसीएल के हरित संकल्प का जीवंत प्रमाण हैं.

स्वास्थ्य के क्षेत्र में सेवा की नई परिभाषा

कांके में प्रस्तावित 200-बेड सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल झारखंड के लोगों के लिए चिकित्सा की नई किरण बनकर उभरेगा. यह अस्पताल न केवल गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करेगा, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सीसीएल की गहरी प्रतिबद्धता भी दर्शाता है. यहां हृदय, मस्तिष्क और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों का इलाज अत्यंत रियायती दरों पर संभव होगा.

तकनीक और नवाचार से बदला कोयला प्रेषण का चेहरा

कारो, कोनार और केबीपी पूर्णाडीह में स्थापित कोल हैंडलिंग प्लांट्स (CHP) के माध्यम से कोयला प्रेषण अब और अधिक यंत्रीकृत, स्वच्छ और दक्ष हो गया है. इससे न केवल लागत और समय की बचत हो रही है, बल्कि सड़क परिवहन में कमी से पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ा है.

शिक्षा, खेल और सामाजिक बदलाव की मिसाल

• लाल और सीसीएल की लाडली योजनाएं हर वर्ष मेधावी छात्रों को IIT जैसे संस्थानों में प्रवेश के लिए नि:शुल्क कोचिंग और हॉस्टल सुविधा प्रदान कर रही हैं. • JSSPS के तहत 11 खेलों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ाया है. • 2 लाख से अधिक ग्रामीणों को नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं. • स्मार्ट स्कूल, टीबी उन्मूलन, कौशल विकास, और महिला आजीविका योजनाएं जैसी पहल सीसीएल को एक संवेदनशील, सहभागी और दूरदर्शी संस्था बनाती हैं.
नेतृत्व जो प्रेरणा बन गया
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2025/04/Untitled-3-2-272x181.gif"

alt="" width="272" height="181" /> सीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री निलेंदु कुमार सिंह ने कहा कि सीसीएल केवल कोयला उत्पादन नहीं करता, हम उजाले की यात्रा का माध्यम हैं – एक ऐसा उजाला जो हर घर तक ऊर्जा पहुंचाए, हर गांव को स्वास्थ्य दे, हर बच्चे को शिक्षा और हर महिला को आत्मनिर्भरता प्रदान करे. हमारी यह सफलता राष्ट्र की साझी जीत है.यह स्वर्णिम वर्ष सीसीएल के लिए केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह समावेशी विकास, पर्यावरण संरक्षण और मानव कल्याण के प्रति उसके संकल्प का प्रतीक है.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही