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अच्छी पहल: मारवाड़ी कॉलेज के प्रिंसिपल हैं अनोखे, खोल डाला यूनिफॉर्म व मनी बैंक

Rajnish Ranchi : मारवाड़ी कॉलेज रांची के प्रिंसिपल डॉ. मनोज कुमार हमेशा कुछ अनूठा करने में लगे रहते हैं. उनकी इसी पहल से जरूरतमंद विद्यार्थियों को बड़ी मदद मिल रही है. दरअसल डॉ. मनोज कुमार ने मारवाड़ी कॉलेज में यूनिफॉर्म बैंक की शुरुआत की है. जो विद्यार्थी कॉलेज से पास आउट हो चुके हैं, वो अपने कॉलेज यूनिफॉर्म की सफाई करके उसे यूनिफॉर्म बैंक में जमा कर देते हैं. जिससे जरूरतमंद विद्यार्थी अपने क्लास रिप्रेजेंटेटिव से यूनिफॉर्म का मांग का आवेदन देते हैं. रिप्रेजेंटेटिव अपने एचओडी को कहते हैं और विद्यार्थी को यूनिफॉर्म दिया जाता है. इसे भी पढ़ें - फीडबैक">https://lagatar.in/feedback-unit-snooping-scandal-bjp-protests-outside-cm-kejriwals-residence/">फीडबैक

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प्रिंसिपल बनने के बाद आया यूनिफॉर्म का आइडिया

मारवाड़ी कॉलेज में बिना यूनिफॉर्म के विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं है. जिससे कई विद्यार्थी मिड सेम की परीक्षा देने से वंचित रह गये. मनोज कुमार ने इस पर संज्ञान लिया और बच्चों से परीक्षा में नहीं बैठने की वजह पूछी, तो पता चला कि यूनिफॉर्म नहीं होने से ऐसा हुआ. जिसके बाद मनोज कुमार ने इसपर कुछ करने की सोची. उन्होंने मारवाड़ी कॉलेज के शिक्षकों के साथ बैठक की और यूनिफॉर्म बैंक बनाने का विचार सबके सामने रखा. जिसे सभी शिक्षकों ने बहुत पसंद किया. यूनिफॉर्म बैंक बनने के बाद से अब तक 50-60 विद्यर्थियों को यूनिफॉर्म उपलब्ध कराया जा चुका है. वहीं एक सामाजिक संस्था ने 200 यूनिफॉर्म दान देने की बात भी कही है.

राम लखन सिंह यादव कॉलेज में शुरु किया था आर्थिक मदद

[caption id="attachment_549818" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/02/manoj-kumar1.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> मारवाड़ी कॉलेज रांची के प्रिंसिपल डॉ. मनोज कुमार की फोटो[/caption] मारवाड़ी कॉलेज से पहले डॉ मनोज कुमार राम लखन सिंह यादव कॉलेज के प्रिंसिपल थे. उस दौरान मनोज कुमार विद्यार्थियों को अपनी जेब से 500, 1000 रुपये की आर्थिक मदद किया करते थे. उसके बाद डॉ. मनोज कुमार ने शिक्षकों से 10-10 रुपए जमा करने का आग्राह किया. जिसके बाद शिक्षकों ने महीने में पैसा जमा करना शुरु किया. उस जमा पैसों से गरीब विद्यार्थियों की फीस भरी जाती है.

विद्यार्थियों को करते हैं मदद : डॉ. मनोज कुमार

डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि मैं जब राम लखन सिंह यादव कॉलेज में प्रिंसिपल था, तब कॉलेज के विद्यार्थी मेरे पास आया करते थे. उनके पास फीस भरने के लिए पैसे नहीं होते थे. कुछ बच्चों को मैंने अपनी ओर से आर्थिक मदद की. फिर सभी शिक्षकों से आग्राह किया कि महीने में 10-10 रुपए जमा करें. ये जरुरी नहीं था कि सभी को देना है. बताया कि मैंने आग्रह मानवता के नाते किया था. सारे शिक्षकों ने इसमें सहयोग किया. कई शिक्षक तो 10 रुपए से ज्यादा भी जमा कर देते हैं. वहीं एक रिटायर शिक्षक एक लाख रुपये तक देने के लिए आगे बढ़े. कहा कि ऐसे छोटी-छोटी रकम जमा होने से गरीब विद्यार्थियों को बड़ी मदद मिल जाती थी. इसे भी पढ़ें - रांची">https://lagatar.in/ranchi-violence-case-high-court-refuses-to-grant-bail-to-accused-irfan-alias-zuber/">रांची

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