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GOOD NEWS: झारखंड के 3 मेडिकल कॉलेजों में नामांकन की केंद्र ने दी अनुमति, इसी सत्र से एडमिशन

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Ranchi : मेडिकल की तैयारी कर रहे राज्य के हजारों छात्र छात्राओं के लिए खुशी की खबर है. केंद्र सरकार ने दुमका हजारीबाग और मेदनीनगर मेडिकल कॉलेज (पलामू) में इसी सत्र से छात्रों के एडमिशन की अनुमति दे दी है. यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने सोशल मीडिया पर दी. इसे भी पढ़ें - JPSC">https://lagatar.in/jpsc-candidates-moving-ahead-by-forming-human-chain-women-at-the-fore-will-surround-cms-residence/">JPSC

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तीन मेडिकल कॉलेज में एडिमशन की अनुमति मिलने से दूर होगी झारखंड में चिकित्सकों की कमी

स्वास्थ विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने कहा है कि राज्य में पहले से ही चिकित्सकों की भारी कमी है. ऐसे में 3 मेडिकल कॉलेजों में अब छात्र-छात्राओं के नामांकन की अनुमति मिलने से भविष्य में चिकित्सकों कमी को कम किया जा सकेगा. वहीं स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा है कि राज्य के तीनों मेडिकल कॉलेजों को मान्यता मिल गई है, जो काफी खुशी की बात है. https://twitter.com/BannaGupta76/status/1471019572970942465

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ विभाग के अपर मुख्य सचिव सहित कई बार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से इस बारे में पत्राचार किया था. अब नामांकन की अनुमति मिल जाने से मेडिकल की तैयारी कर रहे बच्चों का भविष्य सुधर पायेगा. बन्ना गुप्ता ने बताया है कि इसके साथ ही हेमंत सरकार राज्य के वर्तमान मेडिकल व्यवस्था को कैसे सुधारा जाये. इसपर भी बेहतर तरीके से काम किया जा रहा है.

राज्य में चिकित्सकों की कमी, अनुबंध पर नियुक्ति की तैयारी

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने बताया है कि वर्तमान में राज्य में डॉक्टरों की भारी कमी है. इसे देखते हुए सरकार ने प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर को अनुबंध पर नियुक्ति करने की प्रक्रिया शुरू की है. इन लोगों को एक बेहतर मानदेय भी भुगतान किया जाएगा.

एमसीआई ने आवश्यक जरूरतों की कमी देखते हुए नामांकन पर लगा दी थी रोक

झारखंड में पलामू, हजारीबाग और दुमका में तीन नये मेडिकल कॉलेज खोले गये हैं. लेकिन 2021-22 में छात्र-छात्राओं का एडमिशन नहीं हो पाया था, ऐसा इसलिए क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा इन कॉलेजों को मान्यता नहीं दी गई थी. कॉलेज की कमियों से अवगत कराने और इन्हें दूर करने की मांग को लेकर इन तीनों मेडिकल कॉलेज के छात्र रिम्स जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने डॉ विकास की अगुवाई में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से मुकालात की थी. छात्रों ने बताया कि इन तीनों मेडिकल कॉलेजों में पहली और आखिरी बार सिर्फ 2019 में एडमिशन हुआ था. 2020 में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने सशर्त नामांकन की अनुमति दी थी. इसके बाद 2020 एमसीआई ने आवश्यक जरूरतों की कमी देखते हुए नामांकन करने से मना कर दिया था. 2021 में भी यही स्थिति बनी हुई है. लेकिन अब नये सत्र से एडमिशन होगा, जिसकी अनुमति मिल गई है. इसे भी पढ़ें - गोवा">https://lagatar.in/mamata-banerjees-speech-in-goa-mentions-bengali-gujarati-hindu-brahmin/">गोवा

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