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अलविदा टाइगर : राजकीय सम्मान के साथ जगरनाथ महतो की अंत्येष्टि

एयरपोर्ट में पार्थिव शरीर को कंधा देते हुए फफक पड़े मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड विधानसभा में सत्त पक्ष-विपक्ष के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि एमएम कार्यालय में शिबू सोरेन समेत पार्टी नेताओं ने दी श्रद्धांजलि अंतिम दर्शन के लिए विधानसभा और जेएमएम कार्यालय लाया गया था पार्थिव शरीर Ranchi : टाइगर के नाम से मशहूर झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो पंचतत्व में विलीन हो गये. राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ. शुक्रवार सुबह 7.30 बजे चेन्नई से उनका पार्थिव शरीर रांची लाया गया. एयरपोर्ट पर टाइगर की एक झलक पाने के लिए सैकड़ों समर्थक और पार्टी के कार्यकर्ता पहुंचे थे. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई मंत्री और विधायक भी एयरपोर्ट पहुंचे थे. यहां तिरंगे में लिपटे जगरनाथ महतो के पार्थिव शरीर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कंधा दिया. इस दौरान सीएम फफक कर रो पड़े. इसके बाद जगरनाथ महतो के पार्थिव शरीर को बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से सीधे विधानसभा परिसर लाया गया. जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी नेताओं ने उनका अंतिम दर्शन किया और श्रद्धांजलि दी.

विधानसभा में पुष्प चक्र अर्पित कर दी गई श्रद्धांजलि

विधानसभा में स्पीकर रवींद्र नाथ महतो, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, केंद्रीय राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी, मंत्री आलमगीर आलम, चंपई सोरेन, सत्यानंद भोक्ता, बन्ना गुप्ता, मिथिलेश कुमार ठाकुर, बादल, हफीजुल हसन, सांसद विजय हांसदा, राज्यसभा सांसद महुआ माजी और भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी.

झामुमो कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने किया अंतिम दर्शन

विधानसभा के बाद पार्थिव शरीर को हरमू रोड स्थित झामुमो के कैंप कार्यालय में लाया गया, जहां पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन, कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन समेत झामुमो के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. जेएमएम कार्यालय के बाद जगरनाथ महतो के पार्थिव शरीर को बोकारो स्थित भंडारीदह स्थित उनके पैतृक गांव ले जाया गया, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ.

जगरनाथ दा का जाना काफी पीड़ादायक- स्पीकर

श्रद्धांजलि देने के बाद विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो ने कहा कि जगरनाथ दा एक जनप्रिय नेता थे. उनका इस तरह से चले जाना काफी पीड़ादायक है. स्पीकर ने कहा कि अलग झारखंड राज्य के आंदोलन के समय से ही उनका जगरनाथ महतो से बहुत आत्मीय संबंध था. वे राज्य के विकास को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे. विपक्ष में रहते हुए उन्होंने जनहित के कई मुद्दे उठाये थे. जब शिक्षा मंत्री बने तो उन्होंने सबसे पहले पारा शिक्षकों के मामले का समाधान किया.

टाइगर दा ने संघर्ष करना और जीतना सिखाया- सीएम

जगरनाथ महतो के पार्थिव शरीर को कंधा देने के बाद ट्विट कर सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि टाइगर जगरनाथ दा ने झारखंड और झारखंडियत की रक्षा के संघर्ष में हमेशा साथ निभाया, उसे जीतना सिखाया. झारखंड की माटी के वीर सपूत जगरनाथ महतो अमर रहें.

जगरनाथ महतो की हार न मानने वाली जीवटता प्रेरणा देती रहेगी- बाबूलाल

जगरनाथ महतो को नमन करते हुए भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा -अंतिम प्रणाम जगरनाथ जी. झारखंड में सदैव आपकी कमी खलेगी. आपका जमीन से जुड़ाव, जनता के प्रति स्नेह और सबसे महत्वपूर्ण कभी हार ना मानने की जीवटता हमेशा लोगों को प्रेरणा प्रदान करती रहेगी.

गरीबों, शोषितों के हित में बिना किसी दलीय पूर्वाग्रह के खड़े रहे- अन्नपूर्णा

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री और कोडरमा की सांसद अन्नपूर्णा देवी कहा कि जब भी गरीबों, वंचितों, शोषितों, पिछड़ों के हितों की बात आई, बगैर किसी दलीय पूर्वाग्रह के जगरनाथ महतो साथ खड़े हुए. राज्य में शिक्षा व्यवस्था में सुधार का प्रश्न हो, सुदूरवर्ती क्षेत्रों में नए विद्यालयों की स्थापना या शिक्षा जगत से जुड़ा कोई अन्य विषय, जगरनाथ जी सदैव मुखर रहे. एक विधायक के तौर पर झारखंड विधानसभा में साथ -साथ काम करते हुए उनसे काफी कुछ सीखने को मिला था. इसे भी पढ़ें – झारखंड">https://lagatar.in/six-international-level-roads-will-be-built-in-jharkhand-parasnath-rajrappa-and-deoghar-will-be-connected-to-holi-tourist-corridor/">झारखंड

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