मूल के अजय सिंह बंगा वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट होंगे…जो बाइडेन ने किया नॉमिनेट
`देरी होने पर मरीज की जा सकती थी जान`
डॉ. आशीष झा ने बताया कि जेल प्रशासन की मदद से समय पर कैदी को अस्पताल लाया गया था. लेट होने पर मरीज की जान को भी खतरा हो सकता था. मोबाइल की बैटरी लीक होती, तो उसका एसिड और लिथियम पेट में फैल जाता, इससे वह पेट को पूरी तरह से जला देता. पेट में छेद हो जाता और मरीज की हालत गंभीर हो जाती. वहीं, आईजीआईएमएस के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. मनीष मंडल ने कहा कि मोबाइल खाने की थैली में जाकर फंसा हुआ था, जिसे सफलतापूर्ण बाहर निकाल लिया गया है. इसे भी पढ़ें: कांग्रेस">https://lagatar.in/congresss-general-convention-from-today-the-decision-on-the-election-of-the-working-committee-will-be-held-on-the-first-day/">कांग्रेसका महाधिवेशन आज से रायपुर में, पहले दिन होगा कार्य समिति के चुनाव पर फैसला [wpse_comments_template]

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