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खोरठा भाषा के विकास में सरकार ही बाधक : लंबोदर महतो

Ranchi : गोमिया विधायक डॉ लंबोदर महतो के आवास पर शनिवार को खोरठा भाषा साहित्य संस्कृति परिषद द्वारा श्रीनिवास पानुरी की 101वीं जयंती मनायी गयी.  खाोरठा दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में खोरठा भाषा के विकास और उन्नति पर विचार किया गया, लेखक, कवि, प्राध्यापक समेत छात्र-छात्राएं ने श्रीनिवास पानुरी को श्रद्धांजलि अर्पित की. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ लंबोदर महतो ने मौके पर कहा कि खोरठा भाषा के विकास में सरकार ही बाधक है. सभी भाषाओं का सिलेबस समान होना चाहिए. और हमलोगों की मांग है कि सरकार खोरठा भाषा को आठवीं अनुसूची में जल्द से जल्द शामिल करे. खोरठा साहित्य की रचना आजादी के पूर्व ही आरंभ हो गयी थी. खोरठा साहित्य का विकास उस स्तर पर अभी तक नहीं हो पाया है.

जेएसएससी के अभ्यर्थी खोरठा भाषा के लेखकों से मिले

इधर, जेएसएससी में खोरठा भाषा का सिलेबस बड़ा होने के विरोध में अभ्यर्थी शुक्रवार से ही धरना-प्रदर्शन पर हैं. इन लोगों ने शनिवार को गोमिया विधायक के आवास पर खोरठा भाषा के लेखकों से मुलाकात कर अपनी बात रखी. वहीं खोरठा भाषा के लेखकों ने सिलेबस छोटा कराने में मदद का आश्वासन दिया. मौके पर खोरठा साहित्य संस्कृति परिषद के अध्यक्ष डॉ बीएन ओहदार, डीएसपीएम यूनिवर्सिटी के विभागीय अध्यक्ष डॉ विनोद कुमार, आरयू की विभागीय अध्यक्ष कुमारी शशि, आरयू के प्राध्यापक दिनेश दिनमनी, डॉ. गजाधर महतो, राधा गोविंद यूनिवर्सिटी के विभागीय अध्यक्ष अनम ओहदार, विक्की कुमार आदि उपस्थित रहे. इसे भी पढ़ें – रांची">https://lagatar.in/the-smell-of-tilkut-scattered-in-the-markets-of-ranchi-know-the-rate/">रांची

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