NewDelhi : जस्टिस यशवंत वर्मा को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. सूत्रों का कहना है कि मोदी सरकार संसद के आगामी मानसून सत्र में उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव ला सकती है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट का इन-हाउस पैनल न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को पहले ही दोषी करार दे चुका है. जानकारों के अनुसार इस कारण महाभियोग की जमीन मजबूत मानी जा रही है. सूत्रों के अनुसार मोदी सरकार अब विपक्षी दलों से संपर्क साध रही है, जिससे संविधान के अनुच्छेद 124(4) के तहत महाभियोग चलाने के लिए आवश्यक समर्थन जुटाया जा सके. सरकार मानती है कि यह मामला संसद में सर्वसम्मति से आगे बढ़े, इसलिए विपक्षी नेताओं से चर्चा जारी है. सरकार को आशा है कि विपक्ष न्यायपालिका की गरिमा बनाए रखने के लिए इस मामले में साथ देगा. जान लें कि सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के किसी जज के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है. प्रस्ताव पारित हो जाने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिल जाने पर जज को पद से हटाया जा सकता है. इसे भी पढ़ें : कॉंग्रेस">https://lagatar.in/congress-asked-how-did-hafiz-saeed-and-masood-azhar-escape-in-operation-sindoor/">कॉंग्रेस
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