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राजनीतिक दल की सदस्यता ग्रहण करने पर रांची CWC चेयरमैन को नोटिस, 15 दिन में जवाब देने को कहा

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Ranchi : राजनीतिक दल की सदस्यता ग्रहण करने पर रांची सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन को झारखंड सरकार ने नोटिस जारी किया है. जिसमें 15 दिन के अंदर अपना पक्ष रखने को कहा गया है. महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, झारखंड सरकार द्वारा रांची सीडब्लूसी के अध्यक्ष अजय साह को भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने पर कारण बताओ नोटिस भेजा गया है. यह नोटिस सरकार के अवर सचिव अरशद जमाल द्वारा भेजा गया है. नोटिस में अजय साह से पूछा गया है कि भाजपा की सदस्यता लेने पर क्यों ना उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही की जाये? नोटिस में अवर सचिव द्वारा रांची डीसी राहुल सिन्हा और डीडीसी द्वारा विभाग को भेजे गये पत्रांक का हवाला दिया गया है. इसे भी पढ़ें -हाईकोर्ट">https://lagatar.in/rmcs-order-banning-sale-meat-in-open-rejected-by-high-court-court-said-make-regulation-soon/">हाईकोर्ट

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आवश्यक कार्यवाही करने की अनुशंसा की गई थी

बता दें कि रांची डीसी द्वारा महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, झारखंड सरकार के सचिव को पत्रांक द्वारा अजय साह पर आवश्यक कार्यवाही करने की अनुशंसा की गई थी. रांची डीसी द्वारा विभाग को अखबारों में छपी खबरों का हवाला दिया गया था.

जानें क्या है पूरा मामला

दरअसल26 मई को रांची सीडब्लूसी के अध्यक्ष अजय साह ने भाजपा के नितवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश की मौजूदगी में सदस्यता ग्रहण की थी. सीडब्लूसी झारखंड सरकार के अधीन एक अर्ध न्यायिक बॉडी है. जिसका काम नाबालिग बच्चों की देखरेख और सुरक्षा से संबंधित मामलों को देखना होता है. समिति एक न्यायपीठ है, जिसमें चार सदस्य और एक अध्यक्ष होते हैं.

मैंने सिर्फ भाजपा की सदस्यता ली है, कोई पद धारण नहीं किया: अजय शाह

नोटिस जारी होने पर अजय साह ने बताया कि भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने से पहले उन्होंने कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं से कानूनी सलाह ली थी. उन्होंने बताया कि किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम के तहत बाल कल्याण समिति का अध्यक्ष कोई भी राजनीतिक पद धारण नहीं कर सकता. कहा कि उन्होंने सिर्फ भाजपा की सदस्यता ली है, जो कानूनी रुप से पूरी तरह सही है. अगर उन्हें भाजपा में कोई पद मिला होता, तो वह सीडब्लूसी के पद पर नहीं बने रह सकते थे, सिर्फ सदस्यता लेना पूरी तरह से वैधानिक है. उन्होंने बताया कि भाजपा की सदस्यता लेने के तुरंत बाद उन्होंने रांची डीसी को इसकी सूचना दी थी और अपना कानूनी पक्ष रखा था. लेकिन रांची डीसी राहुल सिन्हा ने बिना उनका जवाब मांगे विभाग को कार्यवाही की अनुशंशा की, जो प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध है. इसे भी पढ़ें -बिल्डर">https://lagatar.in/builder-constructed-on-others-land-hc-said-city-construction-being-constructed-without-following-map/">बिल्डर

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