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10 महीने में सरकार की आमदनी सिर्फ लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 55 प्रतिशत

LAGATAR NEWS

Ranchi : चालू वित्तीय वर्ष (2025-26) के 10वें महीने तक सरकार को सिर्फ 80,065.00 करोड़ की आमदनी हुई है. यह उसके वार्षिक आमदनी के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 55.80 प्रतिशत है. चालू वित्तीय वर्ष के बाकी बचे महीनों में आमदनी के वार्षिक लक्ष्य के पूरा होने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है. सरकार के वित्तीय आंकड़ों में इन तथ्यों का उल्लेख है.

 

राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के दौरान कुल 1,43,479.14 करोड़ रुपये की आमदनी (राजस्व प्राप्ति) का अनुमान किया है. इसके मुकाबले सरकार को जनवरी 2026 तक विभिन्न स्रोतों से सिर्फ 80,065.00 करोड़ रुपये ही मिल पाये हैं. इस आमदनी में राज्य के अपने राजस्व स्रोतों के अलावा केंद्रीय करों में हिस्सेदारी व केंद्रीय सहायता अनुदान सहित अन्य सभी मद शामिल है.

 

वाणिज्य कर विभाग राज्य के अपने राजस्व स्रोतों में सबसे बड़ा राजस्व स्रोत है. वाणिज्य कर विभाग द्वारा जीएसटी के आलावा वैट के तहत लगाये जाने वाले कर की वसूली होती है. सरकार के वित्तीय आंकड़ों से इस बात की जानकारी मिलती है कि राज्य को जीएसटी के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले जनवरी 2026 तक सिर्फ 49.07 प्रतिशत राशि ही मिल सकी है. केंद्रीय सहायता व अनुदान मद में भी वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 23.35% राशि ही मिली है. 

 

राज्य सरकार द्वारा खनिजों पर सेस आदि के दरों में वृद्धि करने की वजह से Other taxes and duties मद में वार्षिक लक्ष्य के मुकबाले 248.29% की आमदनी हुई है. सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के दौरान बजट के अनुमान के मुकाबले कम पड़ने वाली राशि को पूरा करने के लिए 11,253.44 करोड़ रुपये कर्ज लेने का लक्ष्य निर्धारित किया था. सरकार के वित्तीय आंकड़ों से इस बात की जानकारी मिलती है कि सरकार ने जितनी राशि कर्ज ली है उससे ज्यादा की राशि पहले से चले आ रहे कर्ज को चुकाने में खर्च की है. यानी कर्ज लेने के लक्ष्य के मुकाबले 4,222.20 करोड़ रुपये अधिक, पुराने कर्ज को चुकाने के लिए किया है. 

 

इसके अलावा सरकार ने अपने अधीन चलने वाली संस्थाओं को दिये गये कर्जों में से 246.56 करोड़ रुपये वसूलने का लक्ष्य तय किया था. हालांकि इसके मुकाबले 58.48 करोड़ रुये की ही वसूली कर पायी है.  

 

सरकार को मिले राजस्व का ब्योरा (करोड़ में)

राजस्व का मद  लक्ष्य  मिला  उपलब्धि
जीएसटी   22324.69  10955.99  49.07%
स्टाप व निबंधन   1498.17   1276.24   84.59%
भू-राजस्व   1798.75  1066.22   59.28%
वैट  9305.00   5548.48   59.63%
राज्य उत्पाद   2999.82   2878.30   95.95%
केंद्रीय करों में हिस्सा  47041.38   35967.21   76.46%
केंद्रीय सहायता अनुदान  17064.91   3984.52   23.35%
कर्ज की वसूली व अग्रिम 246.56   58.48   23.72%
उधार व अन्य देनदारियां   11253.55  (-4163.72)  (-37.52)%

 

Capital receipt के इन आंकड़ों से यह पता चलता है कि सरकार ने विकास योजनाओं पर निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले कम पैसा खर्च किया है. यानी विकास की गति धीमी हुई है. सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के दौरान पूंजीगत खर्च के लिेय 24565.54 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था. लेकिन जनवरी 26 तक इस मद में सिर्फ 9622.16 करोड़ रुपये ही खर्च किया है. यानी राज्य में विकास की गति निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले कम हुई है.

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