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सरकारें आईं-गईं नहीं निकला पारा शिक्षकों की समस्या का हल

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Rajnish Prasad Ranchi: झारखंड में लगभग 62000 शिक्षक कार्यरत हैं. पारा शिक्षकों की समस्या का समाधान आज तक नहीं हुआ. कई सरकारें आईं- गईं इनसे वादा किया गया लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया. झारखंड के पूर्व शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो पारा शिक्षकों के लिए कुछ काम किए और कुछ आश्वासन भी दिए, लेकिन मूल समस्या का समाधान नहीं हो पाया. इसे लेकर आए दिन पारा शिक्षक धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करते रहते हैं. अपनी मांगों को लेकर कई बार पारा शिक्षकों ने स्ट्राइक भी की और लाठी भी खाईं. रघुवर सरकार के कार्यकाल में पारा शिक्षकों को समय पर मानदेय नहीं मिलता था. दो तीन महीने में एक बार या दो-तीन महीने काम करने के बाद 1 महीने का मानदेय दिया जाता था. पूरा मानदेय एक नहीं दिया जाता था. इसे पढ़ें- भाजपा">https://lagatar.in/bjp-leaders-said-babulal-will-do-kamal-and-read-two-important-news-of-garhwa-together/">भाजपा

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ये हैं समस्याएं

पारा शिक्षकों में मानदेय नहीं बढ़ने पर आक्रोश है. पारा शिक्षकों मानदेय बढ़ाने की मांग करते रहते हैं. हाल के दिनों में मुख्यमंत्री आवास घेराव के लिए भी निकले थे, लेकिन मोरहाबादी में उन्हें रोक दिया गया था. ई विद्या वाहिनी से अटेंडेंस बनाने में भी उन्हें समस्या आ रही है. इसका समाधान नहीं निकाला जा रहा है. इसे भी पढ़ें-बेरमो:">https://lagatar.in/bermo-the-crazed-policeman-who-injured-the-woman-after-killing-his-wife-is-out-of-custody/">बेरमो:

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