मां…सरकारी स्कूलों के बच्चों की शिक्षा को लेकर पिता की तुलना में मां ज्यादा सतर्क
मुख्य सचिव ने पहले ही जारी किया था निर्देश
मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने तीन दिन पहले आपके अधिकार-आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम के तहत जो निर्देश दिए हैं, उसमें मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना, मनरेगा अंतर्गत रोजगार सृजन करने के लिए प्रत्येक गांव में न्यूनतम पांच-पांच योजनाओं की स्वीकृति प्रदान करना प्रमुखता से शामिल है. ग्रामीण विकास से मिली जानकारी के मुताबिक, मनरेगा योजना के तहत हेमंत सरकार के ढाई सालों के कार्यकाल में कुल 2460.36 लाख मानव दिवसों का सृजन किया गया है. वित्तीय वर्ष 2020 -2021 में 1176.1 लाख और वित्तीय वर्ष 2021 - 2022 में 1132.49 लाख मानव दिवस का सृजन हुआ है. वहीं शेष बचे मानव दिवस का सृजन वित्तीय वर्ष 2022 - 2023 में हुआ.हर गांव में पांच-पांच योजनाएं शुरू करने का सीएम का है निर्देश
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाल ही में आपदा प्रबंधन प्राधिकार की उच्च स्तरीय समीक्षात्मक बैठक में मनरेगा अंतर्गत हर गांव में कम से कम पांच-पांच नई योजनाएं शुरू करने का निर्देश दिया था. इस तरह रोजगार सृजन कर पलायन को रोका जा सकेगा. मुख्यमंत्री ने एक लाख नये कुएं और एक लाख तालाब बनाने और मनरेगा के तहत ज्यादा से ज्यादा मानव कार्य दिवस सृजित करने का भी निर्देश दिया था.मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना की सब्सिडी राशि में भी हुआ बदलाव
आपके अधिकार-आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम के दूसरा चरण शुरू होने से पहले ही मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी राशि में बड़ा बदलाव किया गया है. ताकि योजना का लाभ इस कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्र के लोग ले सकें. योजना के तहत इस बार महिला लाभुकों पर ज्यादा जोर दिया गया है. जैसे – क - आपदा, सड़क दुर्घटना से प्रभावित परिवार की महिला, परित्यक्त और दिव्यांग महिलाओं को अब 90 प्रतिशत अनुदान पर दो दुधारू गाय या भैंस मिलेगा. पहले यह 50 प्रतिशत अनुदान पर मिलता था. ख - बकरा, सूकर, बैकयार्ड लेयर कुक्कुट, बत्तख-चूजा आदि के पालन में भी 75 प्रतिशत अनुदान पर योजना का लाभ दिया जाएगा. पहले यह केवल 50 प्रतिशत अनुदान पर मिलता था. इसे भी पढ़ें - दिल्ली">https://lagatar.in/ed-raids-35-locations-from-hyderabad-to-punjab-in-delhi-liquor-scam/">दिल्लीशराब घोटाले में हैदराबाद से पंजाब तक 35 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी [wpse_comments_template]

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