- शिक्षक प्रोन्नति की दिशा में जल्द हो स्टैच्यूट का गठन, निःशक्तजनों को मिले आरक्षण का लाभ
- विभिन्न समस्याओं के निदान के लिए किये जा रहे प्रयासों और रिक्तियों की राज्यपाल ने की समीक्षा
: जानिए अपने वार्ड का सर्किल रेट, जिसके हिसाब से अब देना पड़ेगा होल्डिंग टैक्स झारखंड प्रौद्यगिकी विश्वविद्यालय के स्टैच्यूट निर्माण स्थिति की समीक्षा के क्रम में राज्यपाल ने नाराजगी जतायी. कहा, निर्माण की प्रक्रिया वर्ष 2017 से चल रही है. अब तक इसका निर्माण नहीं हुआ है, इतने वर्षों में निर्माण न होना बहुत ही गंभीर विषय है. उच्च शिक्षा विभाग द्वारा बताया गया, स्टैच्यूट का प्रारूप तैयार कर लिया गया है. वित्त विभाग की सहमति के लिए इसे भेजा गया है. इस पर उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग को वित्त विभाग से समन्वय व संपर्क स्थापित करने हेतु निदेशित किया. राज्यपाल ने विनोबा भावे विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर विभागों में शिक्षकों के 70 पद एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में शिक्षकों व शिक्षकेत्तर कर्मियों के पदों की स्वीकृति के संदर्भ में समीक्षा की. विभाग द्वारा बताया गया है कि विनोबा भावे विश्वविद्यालय अंतर्गत 19 स्नातकोत्तर विभागों में शिक्षकों के कुल 70 पदों (40 सहायक प्राध्यापक, 20 सह-प्राध्यापक एवं 10 प्राध्यापक) के सृजन के लिए कैबिनेट की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा गया है. वहीं, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के 40 पद (20 सह-प्राध्यापक, 20 प्राध्यापक) पदों का प्रस्ताव भेजा गया है. इसे भी पढ़ें-रांची">https://lagatar.in/ranchi-university-students-raised-slogans-regarding-their-demands-submitted-memorandum-to-the-vice-chancellor/">रांची
विश्वविद्यालय : विद्यार्थियों ने अपनी मांगों को लेकर की नारेबाजी, कुलपति को सौंपा ज्ञापन विश्वविद्यालय में दिव्यांगजनों के आरक्षण संबंधी विषय को लेकर राज्यपाल ने निर्देश दिया है, कि विभाग को यूनिट न मानकर विश्वविद्यालय को यूनिट माना जाय. निःशक्त व्यक्ति (दिव्यांगजन) अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत सरकार के अधीन पदों एवं सेवाओं की रिक्तियों एवं शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन के लिए निःशक्तजनों को आरक्षण का यथोचित लाभ दिया जाये. उन्होंने झारखंड लोकसेवा आयोग को भेजी जा रही अधियाचना की समीक्षा करते हुए कहा कि इस दिशा में गंभीरतापूर्वक ध्यान दें ताकि विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के बैकलॉग एवं नियमित पदों, सह-प्राध्यापक, प्राध्यापक के पदों पर अतिशीघ्र भरा जाये. [wpse_comments_template]
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