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राज्यपाल ने सभी विश्वविद्यालयों के वीसी के साथ की बैठक, कहा- ऑनलाइन क्लास पर करें फोकस

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अनुबंधित शिक्षकों के बकाया भुगतान पर नहीं हुई कोई बात. राची वीसी ने कहा- एजेंडा में नहीं था शामिल

पिछले लॉकडाउन से ही नहीं मिला है रांची विवि के अनुबंधित प्रोफसरों को मानदेय

Ranjeet kumar

Ranchi :  झारखंड की राज्यपाल-सह-झारखण्ड राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्य के सभी विश्वविद्यालय के कुलपतियों के साथ वर्चुअल मीटिंग की. मीटिंग के दौरान राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में नोवेल कोरोना वायरस के मद्देनज़र विद्यार्थियों के सत्र नियमितीकरण हेतु ऑनलाइन क्लास ही विकल्प दिख रहा है.

विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा हुई

लेकिन इस क्रम में यह भी ध्यान रखना होगा कि बच्चों में नकल की कुप्रथा न विकसित हो. हमें इस प्रकार परीक्षा लेने की दिशा में और ऐसा प्लेटफॉर्म विकसित करने पर ध्यान देना होगा. जहां विद्यार्थी नकल न कर सके, चीटिंग न कर सके. राज्यपाल आज वीडियोकॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से विभिन्न विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की. वीडियोकॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में अपर मुख्य सचिव, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के.के. खण्डेलवाल, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव शैलेश कुमार सिंह, राज्य में स्थित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति/प्रभारी कुलपति एवं अन्य पदाधिकारीगण मौजूद थे.

 राज्यपाल ने विद्यार्थियों को बेहतर तरीके से ऑनलाइन क्लास लेने पर जोर दिया. उन्होंने ऑनलाइन क्लास में लगातार अनुपस्थित रहनेवाले विद्यार्थियों की समस्या सुनने और काउंसलिंग करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि हमारे शिक्षक Youtube पर भी अपने व्याख्यान को अपलोड कर सकते हैं ताकि आधिकाधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो सकें.

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सभी विश्वविद्यालयों के सत्र नियमितीकरण की समीक्षा की गई

 राज्यपाल द्वारा उक्त अवसर पर सभी विश्वविद्यालयों के सत्र नियमितीकरण की समीक्षा की गई. इस अवसर पर चांसलर पोर्टल की भी समीक्षा की गई. राज्यपाल ने कहा कि कोरोनाकाल जैसी चुनौतीपूर्ण समय में विश्वविद्यालय सामाजिक दायित्वों का अहम भूमिका का निर्वहन कर सकता है. लोगों को कोविड के अनुकूल आचरण व व्यवहार करने हेतु प्रेरित कर सकते हैं. वैक्सीनेशन के लिये कैम्प के आयोजन और लोगों में जागरूकता लाने में विश्वविद्यालय प्रेरणादायी भूमिका का निर्वहन कर सकता है. विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा मास्क वितरण कार्यक्रम, Sop लेवल की जानकारी, ऑक्सीजन सिलेंडर वितरण, वैक्सीनेशन कार्यक्रम में दिये गए योगदानों की जानकारी दी.

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अनुबंधित प्रोफसरों के भुगतान पर कोई चर्चा नहीं हुई

पिछले लॉकडाउन के समय से ही रांची विश्वविद्यालय के अनुबंधित प्रोफसरों को भुगतान नहीं हुआ है, लेकिन इस विषय पर आज के बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई. इस बारे मे जब lagatar.in ने रांची विश्वविद्यालय के कुलपति कामिनी कुमार से बात की तब उन्होने कहा यह विषय आज के बैठक के एजेंडे में नहीं था, इसलिए इस पर चर्चा नहीं हुई.

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वेतन पर चर्चा नहीं होने की दुर्भाग्यपूर्ण

झारखंड अस्सिटेंट प्रोफेसर अनुंबध संघ के अध्यक्ष निरंजन महतो ने बैठक में उनलोगों के वेतन पर चर्चा नहीं होने की दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होने कहा कि जिन शिक्षकों के भरोसे नियमित क्लास की बात हो रही है, उनका पिछले एक साल से भी ज्यादा समय से भुगतान नहीं हुआ है. इससे ज्यादा दुख की बात और क्या हो सकती है.

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