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राज्यपाल ने दुमका के शिक्षक डॉ सपन पत्रलेख को किया सम्मानित

Ranchi: राजभवन में मन की बात के 100वें एपिसोड के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में दुमका के शिक्षक डॉ सपन पत्रलेख शामिल हुए. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल ने राज्य के विशिष्ट लोगों को संबोधित किया. इस मौके पर डॉ सपन के कार्यों का उल्लेख राज्यपाल ने अपने संबोधन में किया. मौके पर डॉ सपन ने राज्यपाल को पढ़ाने के अपने तरीके एवं कठिनाइयों के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि कोविड काल में कठिन समय में गांधी जी के ग्राम स्वराज के सिद्धांत पर समुदाय के सहयोग से अनोखे तरीके से गांव के गालियों में दीवारों पर ब्लैकबोर्ड बना कर पढ़ाई जारी रखी थी. इसे पढ़ें- गांडेय">https://lagatar.in/gandey-instead-of-listening-to-the-people-pm-modi-is-engaged-in-listening-to-the-mind-mla/">गांडेय

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उन्होंने कहा कि निपुण भारत मिशन के तहत देश के हर एक बच्चे को वर्ग 3 में 8 साल के उम्र में अक्षर ज्ञान एवं संख्या ज्ञान आना जरूरी है, किंतु उनके गांव में आंगनबाड़ी नहीं रहने के कारण 6 साल के बच्चे पढ़ाई से दूर हो रहे थे. इसके लिए उन्होंने गांव के बिजली खंभों पर स्थानीय संथाली,हिंदी और अंग्रेजी भाषा में अक्षर एवं संख्या को लिखा है,गांव में आते-जाते बच्चे इसे देख कर खेल-खेल में सीख रहे हैं. उन्होंने राज्यपाल से देश के सभी राज्यों में स्थानीय भाषा में बिजली खंभों में प्रिंटेड अल्फाबेट, वर्णमाला अक्षर ज्ञान को लिखकर प्रिंट करा कर बिजली खंभों को ऊर्जा विभाग द्वारा लगवाने का आग्रह किया. यह मॉडल वैसे गांव में कारगर साबित होगा जिस गांव में आंगनबाड़ी सेंटर नहीं है. इसे भी पढ़ें- सात्विक">https://lagatar.in/rcfc-in-satwik-memorial-a-division-and-arunodaya-cricket-academy-in-little-wings-school-b-division-became-champions/">सात्विक

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इस मौके पर राजभवन में सपन के ब्लैकबोर्ड मॉडल की प्रदर्शनी लगाई गई थी. विदित हो की एक सप्ताह से प्रधानमंत्री के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम `मन की बात के 100वें एपिसोड के पूर्व सप्ताह भर दिल्ली में `कॉन्क्लेव सहित कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. झारखंड के शिक्षक डॉ सपन कुमार पत्रलेख को दिल्ली में चलने वाले सप्ताह भर तक के कार्यक्रम में आमंत्रित किए गए थे. डॉ सपन की चर्चा प्रधानमंत्री ने मन की बात रेडियो कार्यक्रम में किया था. इस मौके पर डॉ सपन पत्रलेख ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री द्वारा जो सम्मान मिला है, वह झारखंड के सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं हमारे विद्यालयों के पोषक क्षेत्र के सभी अभिभावकों का सम्मान है. [wpse_comments_template]

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