Search

 
 
 

इक्फाई विवि के दीक्षांत समारोह में बोलें राज्यपाल- प्राइवेट यूनिवर्सिटी मनी मेकिंग इंस्टिट्यूशन न बनें

 
Ranchi : प्राइवेट यूनिवर्सिटी मनी मेकिंग इंस्टिट्यूशन न बने. क्वालिटी एडुकेशन देना हर शिक्षण संस्थान की जिम्मेवारी है. झारखंड जैसे राज्य को इसकी जरूरत है. उपरोक्त बातें राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने इक्फाई विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में कही. आगे उन्होंने कहा कि आज का दिन आपके लिए काफी खास है. हमें हर दिन एक घंटा किताब पढ़ना चाहिए. समझ में आए ना आए. कोई भी किताब हो बस हर दिन उसे पढ़ने की जरूरत है. आपको हर दिन किसी महान व्यक्ति की एक सक्सेस स्टोरी भी पढ़नी चाहिए. अपने टार्गेट को भी फिक्स करना चाहिए. उन्होंने एपीजे अब्दुल कलाम का जिक्र करते हुए कहा कि सपने वो नहीं जो नींद में आते हैं, सपने वो हैं जो नींद को उड़ाते हैं. हम जो टार्गेट फिक्स करते हैं, उसके बारे में हमें जाननी चाहिए. टार्गेट क्या है और इसे कैसे पूरा करें, इस पर फोकस करें. जीवन बहुत आसान है, अगर हम सही रास्ता अपना लें. दीक्षांत समारोह में 2023 में स्नातक करने वाले कुल 196 छात्रों को डिग्रियां दी गयी. जिनमें 10 पीएचडी शामिल है. 8 गोल्ड मेडल और 8 सिल्वर मेडल दिये गये. इक्फाई सोसाइटी की अध्यक्ष एन शोभा रानी यशस्वी, वीआर शंकर और आईयूसीडी निदेशक डॉ. दामोदर रेड्डी, पूर्व कुलपति प्रोफेसर ओआरएस राव और अन्य शामिल रहे. प्रो. रमन कुमार झा ने कहा कि हमारा विश्वविद्यालय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, नवाचार, अनुसंधान, कानूनी प्रथाओं, आदि जैसे सभी क्षेत्रों में छात्रों को तैयार करने के लिए ठोस प्रयास कर रहा है. उन्होंने आगे कहा कि बीसीए कार्यक्रम के पांच छात्रों ने विभिन्न राष्ट्रीय हेकाथॉन में भाग लिया और देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया. एमबीए प्रोग्राम की एक छात्रा ने एनआईटी कुरूक्षेत्र में युवा संगम में भाग लिया, जहां उसे हरियाणा के राज्यपाल के साथ बातचीत करने का मौका मिला. कानूनी जागरुकता के माध्यम से नागरिकों को सशक्त बनाने के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए स्कूल ऑफ लॉ द्वारा संचालित विश्वविद्यालय के कानूनी सहायता क्लिनिक को जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण झारखंड द्वारा सर्वश्रेष्ठ कानूनी सेवा क्लिनिक से सम्मानित किया गया है. उन्होंने राज्यपाल को यह भी बताया कि विश्वविद्यालय ने स्टार्ट-अप को प्रोत्साहित करने के लिए एक इनक्यूबेशन सेंटर और छात्रों को अंतरराष्ट्रीय नौकरी के अवसरों के लिए तैयार करने के लिए "विदेशी भाषा लैब स्थापित करने की योजना बनाई है. इसके अलावा, विश्वविद्यालय न केवल इक्फ़ाई के लिए बल्कि पूरे झारखंड के लिए उद्योग-शैक्षणिक ज्ञान और कौशल अंतर को पाटने के लिए प्रोफेसर डॉ. अजीत कुमार सिन्हा, रांची जैसे झारखंड के अग्रणी कुलपतियों की मदद से वर्तमान शैक्षणिक वर्ष में विभिन्न समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर कर रहा है. विश्वविद्यालय, प्रोफेसर डॉ. डीके सिंह, जेयूटी, जिनके साथ मिलकर हमें झारखंड को एक ताकत के रूप में खड़ा करने की समझ है. विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. टीआरके राव ने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों के लिए नैतिकता के साथ व्यवसायिक ज्ञान विकसित करता है. उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि उन्हें नवोन्मेषी होना चाहिए और दैनिक जीवन में जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, उनसे पार पाने के लिए कुछ अनूठे विचार खोजने का प्रयास करना चाहिए. इसे भी पढ़ें : अभिभावक">https://lagatar.in/parents-association-demands-closure-of-jharkhand-schools-due-to-cold/">अभिभावक

संघ ने ठंड को लेकर झारखंड के स्कूलों को बंद करने की मांग की
[wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही