Ranchi News: राजस्व संकट से जूझ रहे झारखंड सरकार का 3138.99 करोड़ रुपये टैक्स के लंबित मामलों में फंसा है. यह राशि कुल लंबित 3897 अपीलों में शामिल है. टैक्स विवाद के यह मामले वाणिज्यकर विभाग के प्रमंडलीय अदालतों और आयुक्त की अदालत में लंबित है.
राज्य सरकार मनरेगा के बदले BV-G-RAM-G योजना लागू करने से आर्थिक दबाव में है. GST दरों में संशोधन के बाद इस मद से सरकार को होने वाली आमदनी में कमी आयी है. सरकार ने इससे अपने राज्य में 1400 करोड़ रुपये की कमी होने का अनुमान किया. ऐसे में वाणिज्यकर विभाग में विभिन्न स्तर पर टैक्स विवाद लंबित रहने से भी सरकार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
वाणिज्यकर विभाग के प्रमंडल स्तर के अपीलीय पदाधिकारियों और आयुक्त के पास अदालतों में फंसा है. सबसे ज्यादा मामले आयुक्त की अदालत में लंबित हैं. सरकारी आंकड़े के अनुसार, आयुक्त की अदालत में टैक्स विवाद में अपील के 2189 मामले लंबित हैं. राज्य के वाणिज्यकर आयुक्त विभागीय सचिव के पद पर भी पदस्थापित हैं. वाणिज्यकर आयुक्त का पद उनके पास अतिरिक्त प्रभार के रूप में है. ऐसे में उन्हें आयुक्त के रूप में टैक्स विवाद के जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए कम समय मिलता है.
राज्य में वाणिज्यकर विभाग के पांच प्रमंडल हैं. इन प्रमंडलों में संयुक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी अपीलीय पदाधिकारी के रूप में पदस्थापित है. संयुक्त आयुक्त स्तर के अधिकारियों की कमी की वजह से प्रमंडलों में संयुक्त आयुक्त स्तर के अधिकारियों को भी अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. इससे प्रमंडल स्तर पर भी टैक्स विवाद से जुड़े लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 समाप्त होने पर प्रमंडल व आयुक्त के स्तर पर टैक्स विवाद के कुल 4075 मामले बचे हुए थे. वर्ष 2025-26 में टैक्स विवाद के 1132 नये मामले शुरू हुए. इससे 2025-26 में टैक्स विवाद के मामलों की संख्या बढ़कर 5207 हो गयी. इन मामलों में कुल 3698.71 करोड़ की राशि निहित थी. वर्ष 2025-26 में 1308 मामलों की निपटारा हुआ. इन मामलों में 414.45 करोड़ रुपये की राशि निहित थी.
वर्ष 2025-26 में बाकी बचे टैक्स विवाद के 3875 मामलों की सुनवाई 2026-27 में जारी रही. साथ ही 2026-27 में टैक्स विवाद के 533 मामले शुरु हुए. इससे 2026-27 में टैक्स विवाद के मामलों की संख्या बढ़कर 4408 हो गयी. 2026-27 में इसमें से अब तक 511 मामलों का निपटारा किया गया है. हालांकि बाकी बचे 3897 मामले अभी लंबित हैं. इनकी सुनवाई हो रही है. इन मामलों में 3138.99 करोड़ रुपये फंसा हुआ है.
वाणिज्यकर प्रमंडलों में लंबित मामले और फंसा टैक्स (करोड़ में)
| प्रमंडल | कुल मामले | राशि | निपटारा | बची राशि |
| रांची | 576 | 213.29 | 129 | 210.96 |
| जमशेदपुर | 685 | 283.03 | 15 | 283.06 |
| धनबाद | 362 | 316.45 | 116 | 272.79 |
| हजारीबाग | 438 | 346.96 | 128 | 320.14 |
| दुमका | 59 | 61.36 | 24 | 54.41 |
| आयुक्त | 2288 | 2188.97 | 99 | 1997.63 |
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