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हमारे रिश्तों में अभूतपूर्व प्रगति हुई
पीएम मोदी ने कहा, "हमारी पिछली आईजीसी 2019 में हुई थी, तब से विश्व में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं. कोविड-19 महामारी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर विनाशकारी प्रभाव डाला है. हाल की जियो पॉलेटिकल घटनाओं ने भी दिखाया कि विश्व की शांति और स्थिरता कितनी नाजुक स्थिति में है और सभी देश कितने इंटरकनेक्टेड हैं." उन्होंने कहा, "लोकतांत्रिक देशों के तौर पर भारत और जर्मनी कई कॉमन मूल्यों को साझा करते हैं. इन साझा मूल्यों और साझा हितों के आधार पर पिछले कुछ वर्षों में हमारे द्विपक्षीय संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है."जर्मन चांसलर ने भारत को बताया सुपर पार्टनर
इस दौरान जर्मन चांसलर ने भी भारत को एशिया में अपना सुपर पार्टनर बताया है. साथ ही उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को जर्मनी ने जून में होने वाली जी-7 बैठक में शामिल होने का न्योता दिया है. जर्मन चांसलर स्कोल्ज ने कहा, इंडो-पैसेफिक बेहद डायनामिक रीजन है, लेकिन इसे चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. इस रीजन में भारत हमारा एक बेहद अहम साझेदार है. स्कोल्ज ने कहा, दुनिया तभी विकसित हो सकती है, जब हम यह स्पष्ट कर दें कि दुनिया कुछ ताकतवर देशों के इशारे पर नहीं बल्कि भविष्य के रिश्तों पर ही चलेगी.जर्मनी ने दिया G-7 का न्योता
जर्मन चांसलर ने कहा कि भारत हमारा काफी अहम सहयोगी है. उन्होंने कहा कि दुनिया में हर देश की अहम भूमिका है और तभी पूरे विश्व का विकास संभव है. सिर्फ ताकतवर देश इस काम को अकेले नहीं कर सकते. ओलाफ शोल्ज ने कहा कि मैं भारत को जून में होने वाले G-7 शिखर सम्मेलन का न्योता देता हूं और प्रधानमंत्री मोदी का फिर से जर्मनी में स्वागत करने के लिए तैयार हूं.Discussions continue between PM @narendramodi">https://twitter.com/narendramodi?ref_src=twsrc%5Etfw">@narendramodi
">https://t.co/Wj3M8mVQjr">pic.twitter.com/Wj3M8mVQjr
and Chancellor Scholz in Berlin. Both leaders are reviewing the full range of bilateral ties between India and Germany, including giving an impetus to trade as well as cultural linkages. @Bundeskanzler">https://twitter.com/Bundeskanzler?ref_src=twsrc%5Etfw">@Bundeskanzler
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— PMO India (@PMOIndia) May">https://twitter.com/PMOIndia/status/1521097977753911299?ref_src=twsrc%5Etfw">May
2, 2022
भारत-जर्मनी के बीच हुए कई समझौते
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट किया: विदेश मंत्री बेयरबॉक के साथ अच्छी बातचीत हुई. हमने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की. यूक्रेन संघर्ष तथा हिंद प्रशांत क्षेत्र के विषय पर चर्चा की. दोनों विदेश कार्यालयों के बीच सीधे विशिष्ट रूप में संपर्क को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर किये. विदेश मंत्री ने कहा कि अंतर सरकारी विचार विमर्श (आईजीसी) के पूर्ण सत्र में हिस्सा लेंगे. जयशंकर ने जर्मनी की आर्थिक सहयोग एवं विकास मंत्री स्वेंजा शुल्ज से भी मुलाकात की तथा जलवायु परिवर्तन, टिकाऊ एवं विश्वसनीय आपूर्ति शृंखला, तीसरे देश के साथ गठजोड़ तथा रूस-यूक्रेन संघर्ष के आर्थिक प्रभावों के बारे में चर्चा की.दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय कारोबार 21 अरब डॉलर से अधिक
जर्मनी की आर्थिक सहयोग एवं विकास मंत्री स्वेंजा शुल्ज से मुलाकात की. जलवायु परिवर्तन, टिकाऊ एवं विश्वसनीय आपूर्ति शृंखला, तीसरे देश के साथ गठजोड़ तथा रूस-यूक्रेन संघर्ष के आर्थिक प्रभावों के बारे में चर्चा की. त्रिकोणीय विकास सहयोग एवं नवीकरणीय ऊर्जा गठजोड़ संबंधित समझौते पर हस्ताक्षर किये. जर्मनी, यूरोप में भारत का सबसे बड़ा कारोबारी सहयोगी है और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय कारोबार 21 अरब डॉलर से अधिक है. इसे भी पढ़ें – झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-governments-universal-pension-scheme-became-a-boon-for-the-poor-and-downtrodden/">झारखंडसरकार की यूनिवर्सल पेंशन स्कीम गरीबों-शोषितों के लिए बनी वरदान [wpse_comments_template]

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