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भारत-जर्मनी के बीच 10.5 अरब डॉलर का ग्रीन एनर्जी समझौता

Berlin : पीएम नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर स्कोल्ज ने भारत-जर्मनी के बीच ग्रीन एनर्जी और सतत ऊर्जा को लेकर अहम एग्रीमेंट पर साइन किए. पीएम मोदी ने कहा- भारत और जर्मनी मिलकर ग्रीन हाइड्रोजन टास्क फोर्स का गठन करेंगे. भारत यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ मुक्त व्यापार समझौता करने की प्रक्रिया तेज करने के लिए प्रतिबद्ध है. पीएम मोदी ने कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि भारत और जर्मनी ने हरित हाइड्रोजन कार्यबल स्थापित करने का निर्णय लिया. इसी के साथ भारत यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौता वार्ता में त्वरित प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों के बीच सतत विकास को लेकर एग्रीमेंट हुआ है, जिसके तहत भारत को साल 2030 तक क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए 10.5 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता मिलेगी. मंत्रालय के मुताबिक, पीएम मोदी ने `आत्मनिर्भर भारत` अभियान में निवेश के जरिए जर्मनी की भागीदारी का न्योता भी चांसलर स्कोल्ज को दिया है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/05/qq1.jpg"

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हमारे रिश्तों में अभूतपूर्व प्रगति हुई

पीएम मोदी ने कहा, "हमारी पिछली आईजीसी 2019 में हुई थी, तब से विश्व में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं. कोविड-19 महामारी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर विनाशकारी प्रभाव डाला है. हाल की जियो पॉलेटिकल घटनाओं ने भी दिखाया कि विश्व की शांति और स्थिरता कितनी नाजुक स्थिति में है और सभी देश कितने इंटरकनेक्टेड हैं." उन्होंने कहा, "लोकतांत्रिक देशों के तौर पर भारत और जर्मनी कई कॉमन मूल्यों को साझा करते हैं. इन साझा मूल्यों और साझा हितों के आधार पर पिछले कुछ वर्षों में हमारे द्विपक्षीय संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है."

जर्मन चांसलर ने भारत को बताया सुपर पार्टनर

इस दौरान जर्मन चांसलर ने भी भारत को एशिया में अपना सुपर पार्टनर बताया है. साथ ही उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को जर्मनी ने जून में होने वाली जी-7 बैठक में शामिल होने का न्योता दिया है. जर्मन चांसलर स्कोल्ज ने कहा, इंडो-पैसेफिक बेहद डायनामिक रीजन है, लेकिन इसे चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. इस रीजन में भारत हमारा एक बेहद अहम साझेदार है. स्कोल्ज ने कहा, दुनिया तभी विकसित हो सकती है, जब हम यह स्पष्ट कर दें कि दुनिया कुछ ताकतवर देशों के इशारे पर नहीं बल्कि भविष्य के रिश्तों पर ही चलेगी.

जर्मनी ने दिया G-7 का न्योता

जर्मन चांसलर ने कहा कि भारत हमारा काफी अहम सहयोगी है. उन्होंने कहा कि दुनिया में हर देश की अहम भूमिका है और तभी पूरे विश्व का विकास संभव है. सिर्फ ताकतवर देश इस काम को अकेले नहीं कर सकते. ओलाफ शोल्ज ने कहा कि मैं भारत को जून में होने वाले G-7 शिखर सम्मेलन का न्योता देता हूं और प्रधानमंत्री मोदी का फिर से जर्मनी में स्वागत करने के लिए तैयार हूं.

भारत-जर्मनी के बीच हुए कई समझौते

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट किया: विदेश मंत्री बेयरबॉक के साथ अच्छी बातचीत हुई. हमने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की. यूक्रेन संघर्ष तथा हिंद प्रशांत क्षेत्र के विषय पर चर्चा की. दोनों विदेश कार्यालयों के बीच सीधे विशिष्ट रूप में संपर्क को लेकर समझौते पर हस्ताक्षर किये. विदेश मंत्री ने कहा कि अंतर सरकारी विचार विमर्श (आईजीसी) के पूर्ण सत्र में हिस्सा लेंगे. जयशंकर ने जर्मनी की आर्थिक सहयोग एवं विकास मंत्री स्वेंजा शुल्ज से भी मुलाकात की तथा जलवायु परिवर्तन, टिकाऊ एवं विश्वसनीय आपूर्ति शृंखला, तीसरे देश के साथ गठजोड़ तथा रूस-यूक्रेन संघर्ष के आर्थिक प्रभावों के बारे में चर्चा की.

दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय कारोबार 21 अरब डॉलर से अधिक

जर्मनी की आर्थिक सहयोग एवं विकास मंत्री स्वेंजा शुल्ज से मुलाकात की. जलवायु परिवर्तन, टिकाऊ एवं विश्वसनीय आपूर्ति शृंखला, तीसरे देश के साथ गठजोड़ तथा रूस-यूक्रेन संघर्ष के आर्थिक प्रभावों के बारे में चर्चा की. त्रिकोणीय विकास सहयोग एवं नवीकरणीय ऊर्जा गठजोड़ संबंधित समझौते पर हस्ताक्षर किये. जर्मनी, यूरोप में भारत का सबसे बड़ा कारोबारी सहयोगी है और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय कारोबार 21 अरब डॉलर से अधिक है. इसे भी पढ़ें – झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-governments-universal-pension-scheme-became-a-boon-for-the-poor-and-downtrodden/">झारखंड

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