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ग्राउंड रिपोर्ट : पीएम आवास का ठिकाना नहीं, बुकिंग जारी

Pramod Upadhyay Hazaribag : हजारीबाग के इचाक प्रखंड की कई पंचायतों में इन दिनों प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर वार्ड एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं. वह ग्रामीणों को गुमराह कर रहे हैं. सूची में नाम देखकर वार्ड सदस्य लाभुक के घर जा रहे हैं और आवास दिलाने के नाम पर बुकिंग कर रहे हैं. इसमें वह एडवांस के तौर पर 5000 रुपए ले रहे हैं. और आवास मिलने के बाद 5000 रुपए लेने की बात कह रहे हैं. वार्ड सदस्य आवास के साथ-साथ कुआं, शौचालय, विधवा, वृद्धा, मवेशी शेड और डोभा दिलाने की भी बात कर रहे हैं.

आवास बुकिंग के बारे में मिली है जानकारी : वार्ड सदस्य

इस संबंध में नावाडीह पंचायत के वार्ड सदस्य बाली राम ने बताया कि उन्हें भी इसकी जानकारी मिली थी की पंचायत में कुछ वार्ड सदस्य आवास बुकिंग कर रहे हैं. इस संबंध में पंचायत सेवक भी उनसे पूछ रहे थे. उन्होंने यह भी कहा कि यह गलत है. इस तरह की बुकिंग करने वाले गैर कानूनी काम कर रहे हैं. जनप्रतिनिधि का मतलब उनके हित के लिए काम करना चाहिए.

बिचौलियों से बचने की दे चुके हैं नसीहत : मुखिया

इस संबंध में नावाडीह पंचायत की मुखिया काजल देवी से पूछे जाने पर कहा कि अगर कोई ऐसा कर रहा है, तो गलत है. उन्होंने पंचायतवासियों को पहले भी कहा था और आज भी कर रहे हैं कि बिचौलियों से बचें. जानिए क्या है पूरा माजरा

चुटिया की महिलाओं ने डीसी से की थी शिकायत

केस-1 : सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना की नई स्कीम बंद कर दी गई है. उसके बावजूद कई वार्ड सदस्य ग्रामीणों को गुमराह कर पैसा ले रहे हैं. पिछले वर्ष भी उपायुक्त कार्यालय में कई ऐसे मामले आए थे. इसमें सदर प्रखंड के चुटिया से दो दर्जन महिलाओं ने आवेदन दिया था. उसमें लिखा था कि वार्ड सदस्य ने आवास दिलाने के नाम पर 10,000 रुपए लिया है.आज तक न आवास मिला और न रकम लौटाई गई.

सिलवार में प्रशासन कर चुका है कार्रवाई

केस-2 : सदर प्रखंड के सिलवार कला में भी कुछ ऐसा ही मामला था. इसमें आवास के नाम पर पैसा लेने के मामला पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई भी की थी. इसी वजह से सिलवार में पीएम आवास योजना बंद कर दी गई थी.

नई योजना बंद, पुरानी सूची से मिलेगा नि:शुल्क आवास : बीडीओ

इस संबंध में इचाक की बीडीओ रिंकू कुमारी ने बताया कि पीएम आवास की नई योजना बंद हो चुकी है. पुरानी सूची के अनुसार नि:शुल्क आवास आवंटन करना है. वह भी वैसे लाभुकों को आवास मिलेगा, जिसका जियो टैग हुआ है. कोई गलत तरीके से आवास दिलाने की बात कर रहा है, तो उसकी शिकायत करें. आवेदन मिलने पर मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी. [wpse_comments_template]

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