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वकीलों के समूह ने सीजेआई को लिखा पत्र, पीएम मोदी ने की टिप्पणी, तो खड़गे, जयराम रमेश ने पाखंड की पराकाष्ठा करार दिया

 New Delhi :  कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, महासचिव जयराम रमेश ने वकीलों के एक समूह द्वारा सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ को पत्र लिखे जाने और उस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी को पाखंड की पराकाष्ठा करार दिया है. कांग्रेस अध्यक्ष ने  आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी के 10 वर्षों के शासनकाल में  चीजों को तोड़ने-मरोड़ने, ध्यान भटकाने और विपक्ष को बदनाम करने की कवायद की जाती रही है.  कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि हाल के दिनों में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें( मोदी) कई झटके दिये हैं. श्री खड़गे ने चुनावी बॉन्ड योजना का नाम लिया.                                                                                  ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

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600 वकीलों की ओर से सीजेआई चंद्रचूड़ को पत्र लिखा गया

जान लें कि सीनियर वकील हरीश साल्वे और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा सहित लगभग 600 वकीलों की ओर से सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ को पत्र लिखा गया है. पत्र में न्यायपालिका पर दबाव डालने और अदालतों को बदनाम करने के प्रयास के आरोप लगाये गये हैं.  600 की संख्या में हस्ताक्षरकर्ताओं ने दावा किया कि यह  समूह विभिन्न तरीकों से काम करता है.

वे अदालतों के कथित बेहतर अतीत और स्वर्ण काल` की झूठी कहानियां गढ़ते हैं

वे अदालतों के कथित बेहतर अतीत और स्वर्ण काल` की झूठी कहानियां गढ़ते हैं .  इसकी वर्तमान में होने वाली घटनाओं से तुलना की जाती  हैं.  यह  जानबूझकर दिये गये बयान हैं. यह  अदालत के फैसलों को प्रभावित करने और कुछ राजनीतिक लाभ के लिए अदालतों को शर्मिंदा करने के लिए दिये गये हैं. इस पत्र के संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को कांग्रेस पर हल्ला बोला था. दावा किया था कि दूसरों को धमकाना और धौंस दिखाना विपक्षी पार्टी कांग्रेस की पुरानी संस्कृति रही है.

दूसरों को धमकाना और डराना कांग्रेस की पुरानी संस्कृति है

सीजेआई को लिखे गये पत्र में वकीलों ने आरोप लगाया है कि एक निहित स्वार्थी समूह बेकार के तर्कों और घिसे-पिटे राजनीतिक एजेंडा  के तहच न्यायपालिका पर दबाव डालने और अदालतों को बदनाम करने के प्रयास में लगा हुआ है. इस पर प्रधानमंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी. पीएम ने कांग्रेस पर हमलावर होते हुए कहा था कि दूसरों को धमकाना और डराना कांग्रेस की पुरानी संस्कृति है. पीएम के बयान पर हमलावर होते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर पोस्ट किया,  नरेंद्र मोदी जी, आप न्यायपालिका की बात कर रहे हैं. आप आसानी से भूल जाते हैं कि उच्चतम न्यायालय के चार  वरिष्ठतम न्यायाधीशों को एक अभूतपूर्व प्रेस वार्ता आयोजित करने और लोकतंत्र को नष्ट किये जाने के खिलाफ चेतावनी देने के लिए विवश किया गया था. वह आपके ही शासनकाल में हुआ था

उच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश को लोकसभा चुनाव का टिकट दिया गया

अपने पोस्ट में कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से पूछा कि उन न्यायाधीशों में से एक को आपकी सरकार द्वारा राज्यसभा के लिए नामित किया गया था, तो कौन ‘प्रतिबद्ध न्यायपालिका चाहता है? आप भूल गये हैं कि आपकी पार्टी ने मौजूदा चुनाव के लिए पश्चिम बंगाल में एक उच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश को लोकसभा चुनाव का टिकट दिया गया है. इस क्रम में  खड़गे ने पीएम मोदी से जानना चाहा कि राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) कौन लेकर लाया?  और उच्चतम न्यायालय ने इस पर रोक क्यों लगा दी. खड़गे ने आरोप लगाया,  मोदी सरकार द्वारा संस्थानों को समर्पण करने के लिए विवश किया जा रहा है. कहा कि पीएम मोदी को अपने पापों का दोष कांग्रेस पार्टी पर मढ़ने से बचना चाहिए. पीएम मोदी को लोकतंत्र से छेड़छाड़ करने और संविधान को चोट पहुंचाने की कला में माहिर करार दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बॉन्ड को असंवैधानिक घोषित कर दिया

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर तंज कसा,  न्यायपालिका की रक्षा के नाम पर, न्यायपालिका पर हमले की साजिश रचने और इसमें समन्वय करने में प्रधानमंत्री की बेशर्मी पाखंड की पराकाष्ठा है. चुनावी बॉन्ड योजना का हवाला देते हुए लिखा. हाल के हफ्तों में SC ने मोदी सरकार को कई झटके दिये हैं.   जयराम रमेश ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बॉन्ड को असंवैधानिक घोषित कर दिया है. यह   साबित हो गया है कि चुनावी बॉन्ड कंपनियों को भाजपा को दान देने के लिए विवश करने, भयभीत करने, ब्लैकमेल करने, धमकी देने का एक साधन था. रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री ने एमएसपी को कानूनी गारंटी देने के बजाय भ्रष्टाचार को कानूनी गारंटी दी है. मोदी सरकार ने सिर्फ लोगों को बांटने, ध्यान भटकाने और बदनाम करने का काम किया है. 140 करोड़ भारतीय जल्द ही करारा जवाब देने का इंतजार कर रहे हैं. दावा किया कि जनता इस शासन को उखाड़ फेंकने के लिए तैयार बैठी है. [wpse_comments_template]

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