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कोरोना वैक्सीन पर GST : राहुल ने ट्वीट किया, जनता के प्राण जाये, पर पीएम की टैक्स वसूली ना जाये

 

NewDelhi : कोरोना वैक्सीन की कीमतों के बाद अब उस पर लगने वाले टैक्स(GST) को लेकर देश में रार शुरू हो गयी है. खबर है कि शुक्रवार को ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है. पटनायक ने वैक्सीन की खरीद पर लगने वाले जीएसटी को माफ करने की मांग की है.

इसी क्रम में प्रधानमंत्री मोदी पर लगातार हमलावर रहे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को मौका मिला और उन्होंने भी वैक्सीन पर टैक्स वसूली को लेकर केंद्र सरकार पर सीधा हल्ला बोल दिया.   राहुल ने ट्वीट कर कहा कि जनता के प्राण जाये पर पीएम की टैक्स वसूली ना जाये. इस ट्वीट के साथ उन्होंने हैशटैग जीएसटी का भी इस्तेमाल किया है.

विदेशों से आने वाली कोरोना वैक्सीन पर से जीएसटी हटा दिया गया है

हालांकि सरकार ने विदेशों से आने वाली कोरोना वैक्सीन पर से जीएसटी हटा दिया है. लेकिन देश के अंदर ही वैक्सीन की खरीद पर अब भी जीएसटी लिया जा रहा है. केंद्र सरकार द्वारा  कोरोना की वैक्सीन पर 5 प्रतिशत जीएसटी लिया जा रहा है. 

जीएसटी से राज्यों पर अतिरिक्त खर्चा बढ़ रहा है

सीरम इंस्टीट्यूट कोविशील्ड की एक डोज राज्यों को 300 रुपए और भारत बायोटेक कोवैक्सीन की एक डोज 400 रुपए में दे रही है. इसमें 5 प्रतिशत  जीएसटी अलग से लग रहा है. इसके बाद राज्यों को कोविशील्ड की एक डोज 315 रुपए और कोवैक्सीन की एक डोज 420 रुपए में पड़ रही है. इस कारण राज्यों पर अतिरिक्त खर्चा बढ़ रहा है. इसलिए  राज्य वैक्सीन पर लगने वाले जीएसटी में छूट की मांग कर रहे हैं. वहीं, केंद्र सरकार को दोनों ही वैक्सीन का एक डोज 150 रुपए में मिल रहा है.

स्पुतनिक-V को इमरजेंसी यूज की मंजूरी मिली है

भारत में इस वक्त तीन वैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी मिली है. पहली वैक्सीन है कोविशील्ड, जिसे सीरम इंस्टीट्यूट बना रहा है और दूसरी है कोवैक्सीन, जिसे भारत बायोटेक ने आईसीएमआर के साथ मिलकर बनाया है. तीसरी वैक्सीन है स्पुतनिक-V, जिसे इमरजेंसी यूज की मंजूरी मिल गयी है. यह रूसी वैक्सीन है, जिसे भारत की डॉ. रेड्डी लैब बनायेगी. हालांकि, अभी तक स्पुतनिक-V की कीमतें तय होने की खबर नहीं है.

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