Gudabanda : 15 फरवरी 2017 को गुड़ाबांदा प्रखंड नक्सल से मुक्त हो गया. जियान के इनामी नक्सली कान्हु मुंडा समेत सरेंडर करने वाले अन्य नक्सली इसी इलाके के थे. परंतु इस प्रखंड के विकास काम नहीं हुआ. गुड़ाबांदा पंचायत अंतर्गत जियान गांव से नूतनडीह होते हुए जीलिंगडुंरी तक जाने वाली सड़क पर एक पुलिया नहीं होने का दंश ग्रामीण वर्षों से झेल रहे हैं. बरसात में जब पानी भर जाता है तब बच्चों का स्कूल जाना भी मुश्किल हो जाता है. करीब पांच किलोमीटर सड़क इतनी जर्जर है कि इस पर पैदल चलना भी मुश्किल है. [caption id="attachment_437868" align="aligncenter" width="720"]

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alt="" width="720" height="324" /> जर्जर सड़क.[/caption]
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यह इलाका इस प्रखंड का सर्वाधिक नक्सल प्रभावित इलाका हुआ करता था. ग्रामीणों के मुताबिक इस सड़क पर नूतनडीह के पास खाल पर पुलिया का निर्माण नहीं हुआ. जबकि ग्रामीण वर्षों से यहां पर एक पुलिया निर्माण की मांग कर रहे हैं. क्षेत्र के नक्सल मुक्त होने के बावजूद भी जनप्रतिनिधियों और नौकरशाहों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया. इस खाल में सालों भर पानी रहता है. बरसात में खाल पानी से इस कदर भर जाता है कि तेज बहाव के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं और मरीजों को अस्पताल ले जाना मुश्किल हो जाता है. सड़क भी इतनी जर्जर हो गई है कि इस पर पैदल चलना भी मुश्किल है. प्रखंड के प्रमुख शुभजीत मुंडा ने कहा कि खाल पर एक पुलिया का निर्माण और इस सड़क की मरम्मत जरूरी है.
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