Gurabanda (Sanat Kr. Pani) : गुड़ाबांदा प्रखंड के
अंगारपाड़ा पंचायत अंतर्गत
पुनासिया गांव की महिला किसान महेश्वरी मुंडा प्रगतिशील किसान फूलों की खेती से क्षेत्र में अलग पहचान बना रही
है. पारंपरिक कृषि से अधिक कमाई भी हो रही
है. महेश्वरी मुंडा के मुताबिक वर्ष 2018 में एक किसान गोष्ठी के दौरान आत्मा द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी मिली
थी. नई तकनीक से खेती करने की प्रेरणा
मिली. जिससे मुनाफा अच्छा हो सके और मजदूरी के लिए भटकना नहीं
पड़े. महेश्वरी मुंडा ने नई तकनीक सीखकर आत्मा कर्मियों के सहयोग से चना,
सरसो और गरमा धान की खेती
की. नई तकनीक से उपज
बढ़ती गई. जिससे
सलाना पहले जहां 30 से 40 हजार रुपये आमदनी होती
थी. वह
बढ़कर बाद में एक लाख तक मुनाफा होने लगा.
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: सिद्ध महंत फलाहारी बाबा की पुण्यतिथि पर मना बैकुंठ महोत्सव शादी के सीजन में प्रतिदिन 400-500 होती है फूलों से आमदनी

https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/Gudabanda-Mahila-Farmer-1.jpg"
alt="" width="600" height="400" /> आत्मा कर्मियों के प्रोत्साहन से महेश्वरी मुंडा ने साग-सब्जी की खेती के साथ-साथ फूलों की खेती शुरू
की. महेश्वरी मुंडा को
जरबेरा फूल की खेती के लिए उद्यान विभाग से सहयोग किया
गया. शादी के मौसम में खपत
बढ़ जाने से प्रतिदिन वह लगभग 400-500 रुपये फूल बेचकर मुनाफा कमाती
है. जरबेरा फूल की खेती से महेश्वरी मुंडा को सालाना लगभग एक लाख से अधिक की आमदनी हो रही
है. महेश्वरी मुंडा ने बताया कि राज्य सरकार किसानों के हित में सब्सिडी पर कई योजना चला रही
है. पंपसेट, सिंचाई कूप,
डोभा का निर्माण आदि योजनाओं से लाभ लेकर उन्नत खेती कर सकते
हैं. उन्होंने कहा कि किसानों को ट्रेनिंग और नई तकनीक की जानकारी कृषि विभाग, उद्यान विभाग और आत्मा के द्वारा दिया जाता
है. संबंधित विभाग के पदाधिकारी और कर्मी सहयोग करते
हैं. [wpse_comments_template]
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