Ranchi News : झारखंड हाईकोर्ट में गुमला से वर्ष 2018 में लापता बच्ची मामले में सुनवाई हुई. इस दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मुख्य आरोपी भूखली लकड़ा का रिनपास (कांके) में साइकोलॉजिकल इवैल्यूएशन टेस्ट हो चुका है, इसकी रिपोर्ट आना भी बाकी है.
सरकार की ओर से रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कोर्ट से एक सप्ताह की समय की मांग की गई. साथ ही मामले में वर्ष 2018 से 2022 तक के तत्कालीन अनुसंधानकर्ता और एसपी पर कार्रवाई के संदर्भ में गठित एक सदस्यीय कमेटी की इंक्वारी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए भी कोर्ट से समय की मांग की गई.
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर निर्धारित की है. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता शशांक शेखर ने पक्ष रखा. (इससे जुड़ी पहले की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...)
बता दें कि पूर्व की सुनवाई में सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि स्वास्थ्य कारणों से मुख्य आरोपी का गुजरात के गांधीनगर में नार्को टेस्ट नहीं हो सका था. इसके बाद वहां उसके सस्पेक्ट डिटेक्शन टेस्ट सहित दो पूरक टेस्ट किए गए थे, जिसकी रिपोर्ट आना बाकी है.
दरअसल सितंबर 2018 से गुमशुदा गुमला की 6 वर्षीय बच्ची की बरामदगी को लेकर उसकी मां चंद्रमुनि उराइन की ओर से हेवियस कार्पस दायर की गई है, जिस पप झारखंड हाईकोर्ट सुनवाई कर रही है.
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