Gumla News: गुमला के उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने मंगलवार को समाहरणालय परिसर में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस पर जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए लोगों की समस्याएं सुनी. उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
इसे भी पढ़ें:
जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान भूमि विवाद, जमीन की मापी एवं बंटवारा, रास्ते से संबंधित विवाद, आपसी मतभेद, राशन, पेंशन, विद्यालय में शिक्षकों की कमी, महाविद्यालय से संबंधित प्रशासनिक एवं वित्तीय अनियमितताओं सहित विभिन्न मामलों से जुड़े आवेदन प्राप्त हुए.
चैनपुर प्रखंड के प्रेमनगर मोहल्ले के ग्रामीणों ने मोहल्ले में आने-जाने वाले रास्ते की जर्जर स्थिति एवं रास्ते के उपयोग में उत्पन्न हो रही बाधाओं से संबंधित आवेदन दिया. ग्रामीणों ने बताया कि रास्ते में गड्ढे होने के कारण आम नागरिकों एवं स्कूली बच्चों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारी को स्थल एवं अभिलेखों की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
जन शिकायत दिवस में ज्योति नगर निवासी एक महिला ने खुद की और अपने पुत्र की सुरक्षा की मांग. महिला ने आरोप लगाया कि कुछ हथियारबंद लोग उसके घर में घुसकर धमकी दी गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने संबंधित पुलिस पदाधिकारी को शिकायत की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
इंटर महिला महाविद्यालय, गुमला में कथित वित्तीय, प्रशासनिक एवं सुरक्षात्मक अनियमितताओं का मामला सामने आया. शिकायत में सेवानिवृत्त कर्मियों की सेवा में निरंतरता, गैर-स्वीकृत पद पर कार्य संचालन, नियुक्ति प्रक्रिया में कथित अनियमितता तथा महाविद्यालय में समय-सारणी एवं कार्य-संस्कृति से संबंधित विभिन्न बिंदुओं को उठाया गया है. उपायुक्त ने आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
मॉडर्न विद्यालय में प्रधानाचार्य के अतिरिक्त केवल एक शिक्षक होने के कारण विद्यार्थियों के पठन-पाठन में उत्पन्न हो रही कठिनाइयों से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुआ. उपायुक्त ने विद्यालय में उपलब्ध शिक्षकीय संसाधनों की समीक्षा करने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
राजस्व ग्राम हडसरी के ग्रामीणों एवं ग्राम सभा सदस्यों द्वारा सार्वजनिक उपयोग की गैर-मजूरवा भूमि के कथित फर्जी हस्तांतरण एवं अवैध बंदोबस्ती से संबंधित शिकायत प्रस्तुत की गई. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना ग्राम सभा की सहमति के सार्वजनिक उपयोग की भूमि की बंदोबस्ती कराई गई है.
शिकायत में भूमि के सार्वजनिक एवं सामुदायिक उपयोग तथा इससे उत्पन्न विवाद की स्थिति का भी उल्लेख किया गया है. उपायुक्त ने संबंधित राजस्व पदाधिकारियों को भूमि अभिलेखों, बंदोबस्ती की प्रक्रिया एवं संबंधित तथ्यों की जांच करते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

