Search

 
 
 

Gumla News : चैनपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल? सीएचसी में  एंबुलेंस मिली न ऑक्सीजन, छात्रा की मौत

गुमला जिले के चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एंबुलेंस व ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं होने के कारण 9वीं कक्षा छात्रा शिवानी कुमारी की तड़प-तड़प कर मौत हो गई. घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. स्थानीय ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति भारी आक्रोश है.
 
मरीज को भाड़े के वाहन से अस्पताल ले जाते परिजन.

Gumla : ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावों की पोल खोलती एक बेहद संवेदनहीन व दर्दनाक तस्वीर गुमला जिले के चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से सामने आई है. एंबुलेंस व ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं होने के कारण 9वीं कक्षा छात्रा शिवानी कुमारी की तड़प-तड़प कर मौत हो गई. घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. स्थानीय ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति भारी आक्रोश है.

 


जानकारी के अनुसार, चैनपुर प्रेमनगर निवासी राजकुमार लोहरा की बेटी शिवानी कुमारी (15 वर्ष) मंगलवार की सुबह स्कूल जाने के लिए तैयार हो रही थी. तभी अचानक उसके सिर में तेज दर्द शुरू हुआ. शिवानी दर्द से चिल्लाने लगी. उसे लगातार उल्टियां होने लगीं. परिजन उसे आनन-फानन में चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे. समय पर इलाज नहीं होने के कारण उसकी मौत हो गई.


पिता राजकुमार लोहरा ने रोते हुए बताया कि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर या स्वास्थ्य कर्मी ने उनकी बीमार बेटी को संजीदगी से नहीं देखा. प्राथमिक उपचार की बजाय उसे सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया. शिवानी की स्थिति और नाजुक होने लगी, तो परिजनों ने डॉक्टरों से गुमला या रांची ले जाने के लिए तत्काल सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध कराने की गुहार लगाई. लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि एंबुसेंस खराब है. परिजन एक से दो घंटे तक अस्पताल प्रबंधन से मिन्नतें करते रहे.


 अंत में मजबूर पिता ने भाड़े पर पिकअप वैन का इंतजाम किया. हैरान करने वाली बात यह रही कि मरीज की बेहद नाजुक स्थिति को जानते हुए भी चैनपुर सीएचसी प्रबंधन ने वैन में ऑक्सीजन तक की व्यवस्था नहीं कराई.परिजन शिवानी को पिकअप वैन में लिटाकर किसी तरह गुमला सदर अस्पताल पहुंचे. वहां भी डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर कर दिया. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. गुमला टाउन से निकलते ही रास्ते में शिवानी ने दम तोड़ दिया.


मां राजमुनी देवी ने रोते हुए कहा कि मेरी बेटी सुबह ठीक-ठाक थी. खाना खाकर स्कूल के लिए तैयार हुई थी. अचानक सिर में दर्द हुआ और वह उल्टियां करने लगी. अस्पताल ले जाने पर न डॉक्टर ने देखा, न एम्बुलेंस मिली और न ही ऑक्सीजन की व्यवस्था हुई. सरकारी अस्पताल की इसी बेरुखी ने मेरी बच्ची की जान ले ली. 

 

घटना के बाद से चैनपुर के स्थानीय लोगों में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ गहरा रोष है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषी डॉक्टरों व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.


Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही