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Gumla News : घूस मांगने का आरोप जांच शुरु होते की रिश्तेदारी व माफी में बदला

Ranchi : गुमला में दो सरकारी पदाधिकारियों के बीच विवाद, माफी, रिश्तेदारी और घुसखोरी के आरोप की चौंकाने वाली कहानी सामने आयी है. जो कहानी सामने है, वह यह कि मनीर भुट्टो और कृपा खेस में आपसी विवाद हुआ. कृपा खेस ने उपायुक्त से भुट्टो के ख़िलाफ शिकायत की. उसी दिन केंद्र प्रायोजित वात्सल्य योजना के तीन लाभुकों ने कृपा खेस के खिलाफ घूस मांगने की शिकायत की. मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने जांच का आदेश दिया. घूस मांगने का आरोप लगने वाली महिलाएं जांच अधिकारी के सामने हाजिर ही नहीं हुई. भुट्टो और खेस ने आपस में बहन समझकर एक दूसरे का माफ कर दिया.
 
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Ranchi : गुमला में दो सरकारी पदाधिकारियों के बीच विवाद, माफी, रिश्तेदारी और घुसखोरी के आरोप की चौंकाने वाली कहानी सामने आयी है. जो कहानी सामने है, वह यह कि मनीर भुट्टो और कृपा खेस में आपसी विवाद हुआ. कृपा खेस ने उपायुक्त से भुट्टो के ख़िलाफ शिकायत की. उसी दिन केंद्र प्रायोजित वात्सल्य योजना के तीन लाभुकों ने कृपा खेस के खिलाफ घूस मांगने की शिकायत की. मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने जांच का आदेश दिया. घूस मांगने का आरोप लगने वाली महिलाएं जांच अधिकारी के सामने हाजिर ही नहीं हुई. भुट्टो और खेस ने आपस में बहन समझकर एक दूसरे का माफ कर दिया. 

 

मनीर भुट्टो गुमला जिला बाल संरक्षण इकाई में बाल संरक्षण पदाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं. कृपा खेस, किशोर न्याय बोर्ड में सदस्य के रूप में कार्यरत हैं. किसी मुद्दे को लेकर इन दोनों महिलाओं के बीच विवाद हुआ था. इसके बाद कृपा खेस ने जिला के वरीय अधिकारियों से मनीर भुट्टो की शिकायत की. इसमें मनीर भुट्टो पर अभद्र व्यवहार करने और डराने धमकाने का आरोप लगाया गया. साथ ही भुट्टो द्वारा बोर्ड के कामकाज को प्रभावित करने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया था.

 

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मनीर भुट्टो ने लगाये गये आरोपों को वापस ले लिया.

जिस दिन कृपा खेस ने वरीय अधिकारियों से भुट्टो की शिकायत की. उसी दिन जिला स्तरीय जनता दरबार का आयोजन भी किया गया था. जनता दरबार में तीन महिलाओं ने कृपा खेस पर स्पॉन्सरशिप प्रोग्राम में 20-20 हजार रुपये घूस मांगने का आरोप लगाया. इस योजना में अनाथ, असहाय बच्चों को प्रति माह आर्थिक सहायता दी जाती है. यह सहायता किताब, भोजन आदि के लिए दी जाती है. आर्थिक सहायता बच्चों को 18 साल की उम्र तक मिलता है. 

 

केंद्र प्रायोजित इस योजना को वात्सल्य योजना के नाम से जाना जाता है. इस योजना में घूस मांगने से संबंधित शिकायती पत्र सक्षम अधिकारी के पास पहुंचने से पहले ही वायरल हो गया. मामले की गंभीरता के देखते हुए उपायुक्त ने जांच का आदेश दिया. जिले के वरीय अधिकारी को जांच की जिम्मेवारी सौंपी गयी. उपायुक्त के आदेश के आलोक में जांच शुरू हुई. जांच अधिकारी ने मनीर भुट्टो, कृपा खेस सहित केंद्र प्रायोजित वात्सल्य योजना में घूस मांगने का आरोप लगाने वाली महिलाओं को नोटिस भेजा. लेकिन जांच के दौरान योजना में घूस मांगने का आरोप लगाने वाली महिलाएं हाजिर नहीं हुई. 

 

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कृपा खेस ने भी अपने आरोप वापस ले लिये.

मनीर भुट्टो और कृपा खेस ने जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर लिखित तौर पर अपना-अपना पक्ष रखा. इस क्रम में दोनों एक दूसरे को बहन बताया और माफ कर दिया. मनीर भुट्टो ने अपना पक्ष पेश करते हुए लिखा कि वह वाट्सएप के माध्यम से कृपा खेस पर लगाये गये आरोपों को वापस ले रही है. उसने जाने अनजाने में यह गलती की थी. कृपा खेस आदरणीय है.

 

कृपा ने भी जांच अधिकारी को अपना लिखित पक्ष पेश किया. इसमें उन्होंने लिखा कि वे उपायुक्त को पत्र लिखकर मनीर भुट्टे पर लगाये गये आरोप वापस ले रही हैं. भुट्टो मेरी छोटी बहन जैसी है. मैंने जो आरोप लगाये थे, उसे वापस लेना चाहती हूं. दोबारा ऐसी गलती नहीं होगी. 

 

घूस मांगने का आरोप लगाने वालों के हाजिर नहीं होने, भुट्टो और कृपा खेस द्वारा एक दूसरे पर लगाये गये आरोप वापस लेने के बाद जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी. जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि मनीर भुट्टो थोड़ा अनुशासनहीन कर्मचारी है. कृपा खेस अपना एकाधिकार चाहती हैं. लाभुकों के हाजिर नहीं होने की वजह से योजना में पैसों के लेनदेन से संबंधित कोई जानकारी नहीं मिली. जांच अधिकारी ने दोनों महिलाओं को चेतावनी देने और भविष्य में ऐसी गलती करने पर सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की.

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