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गुरमुख सिंह मुखे बोले- पांच सदस्यीय कमेटी सीजीपीसी का लेटर पैड इस्तेमाल कर रही, केस करेंगे

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[caption id="attachment_166626" align="aligncenter" width="291"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2021/10/GURMUKH-SINGH-MUKHE1-291x300.jpg"

alt="" width="291" height="300" /> गुरमुख सिंह मुखे[/caption] Jamshedpur : सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (सीजीपीसी) के प्रधान गुरमुख सिंह मुखे ने मंगलवार को कहा कि जब तख्त की कमेटी ने सीतारामडेरा गुरुद्वारा पर अपना फैसला सुनाया. उन्होंने बयान जारी कर कहा कि कि पांच सदस्यीय समिति जमशेदपुर के सभी गुरुद्वारों में विवाद पैदा कर रही है. फूट डालो राज करो की रणनीति के तहत विवाद पैदा कर और प्रलोभन देकर अवैध रूप से सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का लेटर पैड बनाकर उसका इस्तेमाल कर रही है. सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी झारखंड सरकार से निबंधित है. उसका अपना संविधान है और सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का चुनाव संविधान के तहत हुआ है, जिसमें मैं निर्वाचित हुआ. [caption id="attachment_166627" align="aligncenter" width="235"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2021/10/CGPC1-235x300.jpg"

alt="" width="235" height="300" /> पांच सदस्यीय समिति द्वारा सीजीपीसी के लेटर पैड पर लिखा गया पत्र.[/caption] इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर:">https://lagatar.in/adityapur-woman-dies-suspiciously-in-manjhi-tola-husband-returns-the-next-day-after-neighbours-information/">आदित्यपुर:

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किसी जत्थेदार ने मुझे पत्र लिखकर प्रधान नहीं बनाया. यह अवैध रूप से संचालन समिति बनाई गई है और मैं इस मामले को न्यायालय में लेकर जाऊंगा. जो लोग सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का लेटर पैड छाप कर गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, वे संविधान का अपमान कर रहे हैं. मैं अपने अधिवक्ता से सलाह लेकर इस संबंध में जल्द ही न्यायालय में पांच सदस्यीय संचालन समिति के खिलाफ मामला दर्ज कराऊंगा. इनके ऊपर कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में हूं. निश्चित रूप से अब पानी सिर के ऊपर से गुजरना शुरू हो गया है और यह सिख संगत के बीच में फूट डाल रहे हैं. संविधान का उल्लंघन कर रहे हैं. ऐसे लोगों से समाज को बचाना है. मालूम हो कि जत्थेदार ने पांच सदस्यीय कमेटी सीजीपीसी संचालन के लिए बनाई थी. कई दिन बीत जाने के बाद भी सीजीपीसी पर कब्जा नहीं किया जा सका है. अन्य गुरुद्वारा के विवादों की तरह सीजीपीसी भी विवाद के बीच उलझ चुकी है. [wpse_comments_template]

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