alt="" width="477" height="305" /> इसे भी पढ़ें : नफरत">https://lagatar.in/fasting-for-two-hours-for-the-unbreakable-unity-and-harmony-of-the-country-against-hatred/">नफरत
के खिलाफ देश की अटूट एकता और सद्भाव के लिए दो घंटे तक रखा उपवास
धर्म की रक्षा की खातिर हुई थी पंथ की स्थापना
इस अवसर पर संगत को सम्बोधित करते हुए भगवान सिंह ने कहा कि `गुरु का खालसा` गुम्बद मानगो गुरुद्वारा की शान और पहचान बन गया है. जिसका उपयोग सिख बच्चों को सिख इतिहास के प्रति शिक्षित करने के लिए किया जाएगा. इसके अलावा गुरुघर में गुरमत ज्ञान सेंटर, लुधियाना से आये प्रचारक ज्ञानी नछतर सिंह ने बताया कि आज ही के दिन गुरु गोविंद सिंह जी ने आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी. उन्होंने बताया कि धर्म की रक्षा की खातिर इस पंथ की स्थापना हुई. इनके अलावा भाई अमरजीत सिंह दिल्ली वाले रागी बंधुओं ने शबद कीर्तन प्रस्तुत प्रस्तुत कर संगत का मन मोह लिया.ज्ञानी गुरप्रताप सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की जरूरत और आज के समय में की जा रही सेवाओं का भी बखान किया. कार्यक्रम के समापन के बाद गुरुद्वारा परिसर में लंगर का भी आयोजन किया गया. इसमें बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.इनका रहा सक्रिय योगदान
बैसाखी कार्यक्रम को सफल बनाने में मानगो गुरुद्वारा के महासचिव जसवंत सिंह जस्सू, सुखवंत सिंह सुखु, सुखदेव सिंह, हरविंदर सिंह पप्पू, इकबाल सिंह, मनदीप सिंह, भगत सिंह, रविन्द्र सिंह के अलावा अन्य सदस्यों की अहम भूमिका रही. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/ranchi-construction-work-of-lord-jagannaths-chariot-started-with-worship/">रांची: पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुआ भगवान जगन्नाथ के नये रथ का निर्माण कार्य [wpdiscuz-feedback id="9uy145lmf1" question="Please leave a feedback on this" opened="1"][/wpdiscuz-feedback]
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