UN : आने वाले दशकों में ग्लोबल वार्मिंग के कारण हिमनद घटने से भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र जैसी प्रमुख हिमालयी नदियों में जल प्रवाह कम हो सकता है. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने यह कहा. गुतारेस इंटरनेशनल ईयर ऑफ ग्लेशियर प्रिजर्वेशन पर बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे. यह कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र 2023 जल सम्मेलन के मौके पर आयोजित किया गया. इसे भी पढ़ें : हिंडनबर्ग">https://lagatar.in/hindenburg-will-soon-release-a-big-and-new-report-tweeted-hints-questions-now-about-whom-will-be-the-big-disclosure/">हिंडनबर्ग
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हिमनद पृथ्वी पर जीवन के लिए आवश्यक हैं
उन्होंने कहा कि हिमनद पृथ्वी पर जीवन के लिए आवश्यक हैं. दुनिया के 10 प्रतिशत हिस्से में हिमनद हैं. हिमनद दुनिया के लिए जल का एक बड़ा स्रोत भी हैं. गुतारेस ने चिंता व्यक्त की कि मानव गतिविधियां ग्रह के तापमान को खतरनाक नये स्तरों तक ले जा रही है और पिघलते हुए हिमनद बेहद खतरनाक हैं. अंटार्कटिका में हर साल औसतन 150 अरब टन बर्फ घट रही है, जबकि ग्रीनलैंड की बर्फ और भी तेजी से पिघल रही है. वहां हर साल 270 अरब टन बर्फ पिघल रही है. एशिया की 10 प्रमुख नदियां हिमालय क्षेत्र से निकलती हैं, जो इसके जलसम्भर में रहने वाले 1.3 अरब लोगों को जल की आपूर्ति करती हैं. इसे भी पढ़ें : 6.5">https://lagatar.in/argentinas-earth-trembled-due-to-6-5-magnitude-earthquake/">6.5तीव्रता वाले भूकंप से अर्जेंटीना की धरती कांपी, चिली में भी महसूस किये गये झटके
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