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ज्ञानवापी : व्यास जी के तहखाना में पूजा की अनुमति, मस्जिद कमेटी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी

Prayagraj : वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद का प्रबंधन करने वाली अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी ने मस्जिद परिसर के भीतर व्यास जी के तहखाना में हिंदू श्रद्धालुओं को पूजा अर्चना की अनुमति देने के वाराणसी की अदालत के निर्णय को चुनौती दी है. मस्जिद कमेटी  ने गुरुवार को  इलाहाबाद उच्च न्यायालय का  रुख किया. इंतेजामिया कमेटी के वकील एसएफए नकवी ने कहा कि उन्होंने इस मामले पर जल्द सुनवाई के लिए उच्च न्यायालय के महानिबंधक के समक्ष आवेदन किया है. अदालत में दाखिल अपील में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के न्यासी मंडल और आचार्य वेद व्यास पीठ मंदिर के मुख्य पुजारी शैलेन्द्र कुमार पाठक को पक्षकार बनाया गया है. नेशनल">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">नेशनल

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सुप्रीम कोर्ट ने जिला अदालत के आदेश के खिलाफ इंतेजामिया कमेटी को उच्च न्यायालय जाने को कहा था

. मुस्लिम पक्ष ने एक्टिंग चीफ जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता के समक्ष याचिका दायर की है. जानकारी के अनुसार उन्होंने लिस्टिंग रजिस्ट्रार के पास जल्द सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कराने के लिए मुस्लिम पक्ष को भेजा. मुस्लिम पक्ष के वकीलों के अनुसार मामले पर जल्द सुनवाई होगी. इससे पूर्व दिन में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में वाराणसी की जिला अदालत के आदेश के खिलाफ इंतेजामिया कमेटी को उच्च न्यायालय जाने को कहा था. वाराणसी की अदालत ने बुधवार को हिंदू श्रद्धालुओं को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के भीतर व्यास जी के तहखाना में पूजा अर्चना करने की अनुमति दी थी. अदालत ने कहा था कि जिला प्रशासन अगले सात दिनों के भीतर इस संबंध में आवश्यक व्यवस्था करे. जान लें कि वाराणसी की अदालत के फैसले के बाद देर रात व्यासजी तहखाने पूजा भी हुई

हिंदू पक्ष को मिला था तहखाने में पूजा का अधिकार

ज्ञानवापी केस में बुधवार को वाराणसी जिला कोर्ट ने हिंदू पक्ष को व्यासजी के तहखाना में पूजा का अधिकार दिया था. वाराणसी के जिला जज डॉ अजय कृष्ण विश्वेश ने यह फैसला सुनाते हुए विश्वनाथ मंदिर के पुजारियों से पूजा कराये जाने को कहा था. जान लें कि जस्टिस विश्वेश ने अपने रिटायरमेंट से कुछ घंटे पहले यह फैसला सुनाया. [wpse_comments_template]  

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