Hajaribagh झारखंड हाईकोर्ट की अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में उनके पिता सुनील कुमार चक्रवर्ती ने अपने दामाद रुद्र राणा और उसके माता-पिता पर कथित तौर पर दहेज के लिए बेटी को मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने तथा उसकी हत्या कर शव को पंखे से लटका देने का गंभीर आरोप लगाया है. इस बाबत उन्होंने बड़ा बाजार थाना में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है.
इस बीच हजारीबाग के एसडीपीओ पवन कुमार ने बताया है कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है. पुलिस को रिपोर्ट का इंतजार है. अन्य पहलू पर भी जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि गुरुवार को 112 पर सूचना मिली थी. इसके बाद उनके फ्लैट पर पुलिस पहुंची. पंखे से लटकते शव को उतारा गया. आगे का अनुसंधान जारी है. यह घटना हजारीबाग के बड़ा बाजार थाना क्षेत्र स्थित बंगाली कॉलोनी के गुप्ता कॉम्प्लेक्स की है. यहां फ्लैट नंबर 304 से अनुष्का चक्रवर्ती का शव बरामद किया गया था.
पिता ने अपने आवेदन में क्या कुछ कहा है
सुनील चक्रवर्ती ने आवेदन में कहा है कि घटना से कुछ घंटे पहले ही अनुष्का ने फोन कर बताया था कि उनके पति और सास-ससुर उनके साथ मारपीट कर रहे हैं. इसके बाद रात में परिवार की ओर से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन अनुष्का ने फोन नहीं उठाया. इसके बाद अनुष्का की मां जिमी चक्रवर्ती ने रात करीब 2:40 बजे बेटी को फोन किया था, लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद परिजनों की चिंता बढ़ गई. सुबह अनुष्का की मौत की खबर मिलने पर वे आनन-फानन में हजारीबाग पहुंचे. मृतका के पिता ने थाना प्रभारी को दिए आवेदन में पति रुद्र राणा, सास रीना राणा और ससुर दिनेश राणा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि बेटी की मौत सामान्य घटना नहीं है, बल्कि इसके पीछे दहेज की मांग और लगातार प्रताड़ना की आशंका है. तरूण चक्रवर्ती रामगढ़ के रहने वाले हैं. अनुष्का ने तीन साल पहले कुशाग्र रुद्र से प्रेम विवाह किया था.
कांग्रेस विधायक ममता पहुंचीं हजारीबाग
इस बीच शुक्रवार की सुबह रामगढ़ से कांग्रेस की विधायक ममता देवी भी हजारीबाग पहुंचीं. उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बात कर इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की. पत्रकारों से उन्होंने कहा कि जिस तरह की सूचनाएं और अनुष्का की मौत को लेकर परिस्थितियों के बारे में जानकारी मिली हैं, वह गहरा संदेह पैदा करने वाली है. लिहाजा पुलिस को सह तरीके से अनुसंधान करके सच्चाई उजागर करने को कहा गया है.