Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

पीएम आवास योजना से आधे-अधूरे बन रहे घर...जानें वजह

Advertisement
Advertisement
Ranchi: झारखंड में करीब 1 लाख 15 हजार 800 पीएम आवास आधे-अधूरे बने हुए हैं. आवास नहीं बनने के कई कारण हैं जिनमें बढ़ती महंगाई प्रमुख है. जानकारी के अनुसार, लाभुकों की मृत्यु, ज्यादा बड़ा घर बनाना, मिली राशि को कहीं और खर्च कर देना, लाभुकों का पलायन कर लेना, जमीन में आपसी विवाद होना जैसे कारणों से आधे-अधूरे घर बन रहे हैं. ये सभी आवास 2016-17 और 2020-21 में स्वीकृत किये गए हैं. पिछले 5 सालों में आवास पूर्ण नहीं होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना का लक्ष्य है कि वैसे लोगों को चिन्हित करके पक्के मकान देना जो घर बनाने में असमर्थ हैं. लेकिन झारखंड में इतनी बड़ी संख्या में आवास निलंबित पड़े हैं. इसे पढ़ें-धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-the-head-of-the-government-and-his-family-immersed-in-corruption-deepak-prakash/">धनबाद

: भ्रष्‍टाचार में डूबे सरकार के मुखिया और उनका परि‍वार- दीपक प्रकाश

1 लाख 30 हजार में नहीं हो पा रहा निर्माण

प्रधानमंत्री आवास योजना में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 1 लाख 30 हजार की राशि निर्धारित की गई है. जिसमें आज की बढ़ती महंगाई में आवास बनाना संभव नहीं है. ईट-बालू से लेकर सरिया और सीमेंट की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. बढ़ती महंगाई में 2 कमरों का मकान इतनी राशि में बनाना एक बड़ी चुनौती है. लाभुकों को आवास आवंटन हो जाने के बाद पहली किस्त मिल जाती है. पहली किस्त की राशि मिलने के बाद लाभुकों में यह समस्या उत्पन्न होती है कि वह आवास का निर्माण कैसे करें. इसे भी पढ़ें-5G">https://lagatar.in/cabinets-seal-on-5g-spectrum-auction-internet-speed-will-increase-10-times/">5G

स्पेक्ट्रम की नीलामी पर कैबिनेट की मुहर, 10 गुना बढ़ जायेगी इंटरनेट की स्पीड

अतिरिक्त कमरे के लिए नहीं मिल रहा 50,000

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री आवास योजना में बन रहे आवासों में एक अतिरिक्त कमरे के लिए 50,000  रुपये देने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक इसे धरातल पर नहीं उतारा गया है. [wpse_comments_template]  

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही