Saurav Kumar Shukla Ranchi: जिले का सबसे बड़ा सदर अस्पताल और इसके जिम्मेदार अफसर पूरी तरह बेबस है. अस्पताल के नो पार्किंग जोन ही नहीं सभी प्रवेश द्वारों पर हर दिन में सैकड़ों गाड़ियां की पार्किंग देखी जा सकती है. लोग आड़ी-तिरछी गाड़िया लगा कर आने-जाने वालों के लिए भारी मुसीबत खड़ी कर रहे हैं. ऐसे लोगों को कोई रोकता-टोकता भी नहीं. अस्पताल में मरीज के परिजन अक्सर इस तरह से खड़ी गाड़ियों की वजह से परेशान भी होते हैं. [caption id="attachment_711352" align="alignnone" width="2560"]
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alt="" width="2560" height="1440" /> तस्वीर- सदर अस्पताल का गेट जो बंद रहता है. यहां फुटपाथी दुकानदारों का कब्जा है.[/caption] सदर अस्पताल के मेन गेट (पहला गेट) पर जहां फुटपाथ दुकानदारों ने कब्जा कर लिया है. तो वहीं दूसरे गेट पर नो पार्किंग का बोर्ड और कार्रवाई की सूचना के बाद भी वाहन चालक अपनी गाड़ियों को नो पार्किंग जोन में लगा कर अपने काम में लग जाते हैं. इनमें सबसे ज्यादा स्कूल-कॉलेज के छात्रों की गाड़ियां होती हैं. छात्र पढ़ने आते हैं सेंट जेवियर कॉलेज में, और गाड़ी की पार्किंग सदर अस्पताल के गेट पर करते हैं. इस कारण सड़क पर अक्सर जाम की समस्या बनी रहती है. इस रास्ते से पीसीआर भी गश्त कर अपनी ड्यूटी पुरी कर लेती है, लेकिन नो पार्किंग जोन में खड़ी गाड़ियों पर कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझती है. [caption id="attachment_711353" align="alignnone" width="1800"]
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alt="" width="1800" height="1012" /> अस्पताल के नो पार्किंग जोन में खड़ी गाड़ियां[/caption]
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alt="" width="2560" height="1440" /> तस्वीर- सदर अस्पताल का गेट जो बंद रहता है. यहां फुटपाथी दुकानदारों का कब्जा है.[/caption] सदर अस्पताल के मेन गेट (पहला गेट) पर जहां फुटपाथ दुकानदारों ने कब्जा कर लिया है. तो वहीं दूसरे गेट पर नो पार्किंग का बोर्ड और कार्रवाई की सूचना के बाद भी वाहन चालक अपनी गाड़ियों को नो पार्किंग जोन में लगा कर अपने काम में लग जाते हैं. इनमें सबसे ज्यादा स्कूल-कॉलेज के छात्रों की गाड़ियां होती हैं. छात्र पढ़ने आते हैं सेंट जेवियर कॉलेज में, और गाड़ी की पार्किंग सदर अस्पताल के गेट पर करते हैं. इस कारण सड़क पर अक्सर जाम की समस्या बनी रहती है. इस रास्ते से पीसीआर भी गश्त कर अपनी ड्यूटी पुरी कर लेती है, लेकिन नो पार्किंग जोन में खड़ी गाड़ियों पर कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझती है. [caption id="attachment_711353" align="alignnone" width="1800"]
alt="" width="1800" height="1012" /> अस्पताल के नो पार्किंग जोन में खड़ी गाड़ियां[/caption]
अंदर के प्रवेश द्वार के बाहर भी लगाई जाती हैं गाड़ियां
यही नहीं, सदर अस्पताल के अंदर के गेट पर भी नो पार्किंग का बोर्ड तो जरूर लगा दिया गया है. सुरक्षा में तैनात जवान भी मौजूद हैं, लेकिन वे असहाय हैं. जवानों से जब पूछा गया, तो उनका कहना है कि मना करने के बाद भी लोग गाड़ी खड़ी कर चले जाते हैं. आए दिन तू-तू, मैं-मैं भी होती रहती है. जबकि अस्पताल के अंदर एक और प्रवेश द्वार है. वहां भी नो पार्किंग का बोर्ड लगाया गया है, लेकिन वहां भी दर्जनों गाड़ियां खड़ी की जाती हैं.alt="" width="2560" height="1440" />
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