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हरि शंकर जैन ने वीएचपी के बयान पर कहा, ना एक मंदिर छोड़ेंगे.., ना एक इंच छोड़ेंगे...

NewDelhi : काशी, मथुरा, भोजशाला, संभल के याचिकाकर्ता हरि शंकर जैन ने कहा है कि ना एक मंदिर छोड़ेंगे, ना एक इंच छोड़ेंगे, ना कोई हमें समझा पायेगा, ना किसी की समझेंगे. ईश्वर के नाम पर लिया गया संकल्प, कभी समझौते से टूटता नहीं है. श्री जैन ने कहा, जिस भी मंदिर को तोड़ कर मस्जिद बनाई गयी है, उसमें से एक भी मंदिर और एक भी इंच जमान नहीं छोड़ेंगे. उन्होंने कहा तीन (अयोध्या, काशी, मथुरा) दे दो... तो बाकी छोड़ देंगे वाली विचारधारा गुलामी की निशानी है. कहा कि यह विचारधारा आक्रांताओं का भय दिखाती है. हरि शंकर जैन ने कहा, कुछ मुट्ठी भर लोग पूरे हिंदू समाज के प्रतिनिधि बनकर नहीं कह सकते हैं कि हम समझौता कर लेंगे.

जैेसे अयोध्या, काशी, मथुरा का अपना महत्व है, वैसे ही बाकी के मंदिरों का भी महत्व है

बता दें कि विश्व हिंदू परिषद ने काशी ,मथुरा देने पर बाकी की जगहों पर कथित रूप से छोड़ देने की बात कही थी. हरि शंकर जैन के अनुसार कुछ हिंदू नेता जो आज समझौता करने की बात कह रहे हैं वो अपने पैरों पर ही कुल्हाड़ी मार रहे हैं. हरिशंकर जैन ने कहा कि जैसे अयोध्या, काशी, मथुरा का अपना महत्व है, वैसे ही बाकी के मंदिरों का भी उस स्थान पर रहने वालों के लिए महत्व है. जो मन्दिर को तोड़ कर आज मस्जिद बनी है. ऐसे में जब तक जीवित रहूंगा तब तक जितने भी ऐसे मंदिर हैं 5 हजार, 10 हजार जो आज मस्जिद बने हैं उनकी कानूनी लड़ाई लडूंगा और वापस लूंगा. हरि शंकर जैन के अनुसार उन्होंने संकल्प लिया है कि सभी मंदिरों को वापस लेंगे. ईश्वर के नाम पर लिया गया संकल्प समझौते से टूटता नहीं है. जो लोग हिंदुओं को समझौता करने के बारे में सिखा रहे हैं समझा रहे हैं, वो इतिहास के साथ ज्यादती कर रहे हैं. कहा कि इतिहास उन्हें कभी माफ नहीं करेगा.

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