NewDelhi : राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने भारत की बढ़ती आर्थिक और सामरिक ताकत के संदर्भ में बाहरी ताकतों की भूमिका को लेकर ने गंभीर चिंता जताई हैं. वे समाचार एजेंसी ANI से बात कर रहे थे. उन्होंने कहा, वर्तमान में भारत अंतरराष्ट्रीय पटल पर आर्थिक शक्ति के रूप में तेजी से उभर रहा है. देश की बढ़ती रक्षा उत्पादन क्षमता से विदेशी हथियार लॉबी की चिंताएं बढ़ सकती हैं.
हरिवंश नारायण सिंह चीन की गतिविधियों पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि चीन आठ-दस डीप-वॉटर पोर्ट बना रहा है. यह श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल के जरिये भारत को घेरने की कोशिश है. उन्होंने दिल्ली में लगे नेपाल के बाद अब भारत...जैसे नारों का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे घटनाक्रमों को बाहरी ताकतों के प्रभाव से जोड़कर देखा जाना चाहिए.
ने्शनल खबरों के लिए यहां क्लिक करें
बता दें कि वर्तमान में भारत का जोर अपनी रक्षा जरूरतों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर है. फाईटर जेट सहित मिसाइल, युद्धपोत और दूसरे सैन्य उपकरणों तक देश में उत्पादन क्षमता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है.
ANI से बातचीत के क्रम में श्री हरिवंश ने संसद के कामकाज को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच जारी गतिरोध पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के उस संदेश का उल्लेख किया. इंदिरा गांधी ने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद देश की बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करने की बात कही थी.
राज्यसभा के उपसभापति ने कहा, सरकार का विरोध करना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है. चुनाव में सरकार को हराना विपक्ष की जिम्मेदारी हो सकती है, लेकिन संसद को चलने देना भी जरूरी है. कहा कि जनता ने सरकार को पांच साल के लिए जनादेश दिया है और उसे अपना काम करने का अवसर मिलना चाहिए.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट में अपनी राय साझा करें.