Saurav Singh Ranchi : झारखंड में भ्रष्टाचार का दाग लगातार गहराता जा रहा है. थाने और अंचल कार्यालयों में रिश्वत लेने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. झारखंड एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने हाल ही में कई अंचल अधिकारियों, थानेदारों और दारोगा को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है. इन गिरफ्तारियों से यह साफ हो गया है कि आम लोगों का काम बिना रिश्वत दिये नहीं हो पा रहा है.
अंचल कार्यालयों में जमीन से जुड़े मामलों में रिश्वतखोरी :
- - रांची शहर अंचल के सीओ : रांची शहर अंचल के सीओ मुंशी राम को एसीबी ने 37 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया गया था. साथ ही उनके घर से 11 लाख 42 हजार रुपये नकद भी बरामद हुए थे.
- - रांची के रातू सीओ : रातू के तत्कालीन सीओ सहित तीन लोगों को जमीन मामले में एसीबी ने 25 हजार रुपये रिश्वत लेते दबोचा था.
- - रांची में रजिस्टर-2 के नाम पर रिश्वत : रांची में रजिस्टर-2 के नाम पर रिश्वत ले रहे सीआई और अमीन को गिरफ्तार किया गया था.
थाने में केस हल्का करने के नाम पर रिश्वतखोरी :
- - खूंटी थाना के दारोगा : खूंटी थाना के दारोगा श्रीकांत कुमार को केस डायरी में सहयोग करने के नाम पर 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था.
- - रांची के रातू थाना के दारोगा : रातू थाना के दारोगा सत्येंद्र सिंह को एक केस में आवेदिका के पति को बचाने के एवज में एक लाख रुपये मांगने पर गिरफ्तार किया गया था.
- - रामगढ़ के गोला थाने के दारोगा : गोला थाना के दारोगा मनीष कुमार को केस हल्का करने के लिए 15 हजार रुपए घूस लेते हुए गिरफ्तार किया गया.
डीजीपी ने जारी किया आदेश, कहा-घूसखोर लोगों की दें जानकारी
झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने सभी सरकारी दफ्तरों में एंटी करप्शन ब्यूरो के हेल्पलाइन बोर्ड लगाने का आदेश दिया है. लोगों को रिश्वतखोरी की शिकायत करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 9431105678 और 06512710001 जारी किया गया है.
यह स्थिति क्यों है चिंताजनक :
- - आम जनता पर बोझ : रिश्वतखोरी से आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ता है.
- - विकास में बाधा : भ्रष्टाचार विकास कार्यों में बाधा डालता है.
- - कानून का राज कमजोर : भ्रष्टाचार से कानून का राज कमजोर होता है.
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