alt="" width="600" height="400" /> भागीरथ शर्मा[/caption] भागीरथ ने कहा कि छात्र कॉलेज में ही नेतृत्व करने का गुण सीखते हैं. यों तो आप कह सकते हैं कि छात्रों के लिए छात्र संघ एक संसद की तरह है, जो आगे चलकर देश के भविष्य निर्माण में उनकी महती भूमिका हो सकती है. उन्होंने कहा कि कॉलेजों में छात्रों के बीच कई समस्याएं होती हैं, जिसमें मुख्य रूप से लाइब्रेरी और किताबों के लिए छात्रों ता इधर-उधर भटकना है. नए छात्रों को कॉलेज में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिनका समाधान छात्र संघ बखूबी करते हैं. उन्होंने कहा कि 1985 से लेकर 88 तक वे कॉलेज में पढ़ाई किये. छात्र संघ के चुनाव में भाग लेते रहे. यह बात अलग है कि वे चुनाव में सफल नहीं हो सके, लेकिन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के वे अध्यक्ष रहे. इसे भी पढ़ें- BREAKING">https://lagatar.in/breaking-high-court-bans-promotion-in-the-state-know-the-whole-matter/">BREAKING
: हाईकोर्ट ने राज्य में प्रमोशन पर लगायी रोक, जानें पूरा मामला उन्होंने कहा कि छात्र कॉलेज में ही वैचारिकी से रूबरू होते हैं. कॉलेज में ही वे देश के एकता और अखंडता की बुनियादी शिक्षा प्राप्त करते हैं और एक विचारधारा के साथ राजनीति में प्रवेश करते हैं. जो भी लोग आज राजनीति के उच्च शिखर पर हैं, वह भी कहीं ना कहीं छात्र संघ के सदस्य रहे हैं या नेता रहे हैं. वहीं से उनकी यात्रा शुरू होती है. यह बात अलग है कि कई नेताओं की पृष्ठभूमि आंदोलन से होकर यहां तक पहुंची है, लेकिन ज्यादातर लोग कॉलेज के दिनों में ही राजनीति की ककहरा सीखे हैं. इसलिए सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए और छात्र संघ का चुनाव अवश्य कराना चाहिए. इसे भी पढ़ें- नेशनल">https://lagatar.in/national-herald-case-congresss-anger-on-the-seventh-sky-said-rahul-do-whatever-you-have-to-do-we-are-not-afraid-of-narendra-modi/">नेशनल
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