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हजारीबाग : डेढ़ लाख छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सहारे मिलेगी शिक्षा

इंडिया विजुअल लर्निंग लिमिटेड ने हजारीबाग जिला प्रशासन के साथ किया एमओयू योजना को मूर्त रूप देने के लिए दो हजार शिक्षकों को किया जाएगा ट्रेंड इस आधुनिक तकनीक से पढ़ाई करने वाला राज्य का तीसरा जिला बन जाएगा हजारीबाग Vishmay Alankar  Hazaribagh : हजारीबाग जिले के कक्षा छह से बारहवीं तक के लगभग डेढ़ लाख से अधिक विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से शिक्षित करने की पहल की जा रही है. जिले की उपायुक्त नैंसी सहाय के विशेष प्रयास से इंडिया विजुअल लर्निंग लिमिटेड ने हजारीबाग जिला प्रशासन के साथ एमओयू किया है. इसमें चरणबद्ध रूप से जिले के कक्षा 6 से 8 तक के 462 स्कूलों और कक्षा नौवीं से 12वीं के 35 स्कूलों के लगभग डेढ़ लाख छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से युक्त सॉफ्टवेयर और एप्प एमवाईव के जरिये पढ़ाई कराई जाएगी. इस योजना के तहत छात्रों को मिलने वाली यह सुविधा बिलकुल निःशुल्क होगी. छात्रों के बीच इस योजना को शुरू करने से पहले जिले के लगभग दो हजार शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि उन छात्रों को इसके इस्तेमाल में कोई परेशानी न हो. इसे भी पढ़ें :त्योहारों">https://lagatar.in/dgp-held-review-meeting-regarding-festivals-instructions-to-keep-a-special-eye-on-social-media/">त्योहारों

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दो साल का है करार, सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

इंडिया विजुअल लर्निंग लिमिटेड के दो साल के हुए करार में शिक्षकों को ट्रेंड करने के अलावा तकनीकी रूप से विद्यालय को विकसित भी करना है ताकि छात्रों को इसका लाभ मिल सके. इसलिए शुरुआती चरण में सबसे पहले उन स्कूलों में इसे प्रारंभ किया जाएगा, जहां फिलहाल इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद हैं या जहां स्मार्ट क्लासेस हैं. उसके बाद जहां आवासीय विद्यालय है, वहां इसकी शुरुआत होगी. फिर जिन छात्रों के पास मोबाइल की सुविधा है, उन्हें एमवाईव एप्प दिया जाएगा. एमवाईव स्कूलों को तकनीकी और शैक्षणिक सहयोग करेगा.

ऐसे काम करेगा लर्निंग एप्प

छात्र स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर या मोबाइल जिस भी प्लेटफॉर्म पर इस लर्निंग एप्प के सहारे पढाई करेंगे, तो उनके किसी टॉपिक के लर्निंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस काम करेगा और ऑडियो-वीडियो तकनीक से छात्रों के कांसेप्ट को क्लियर करेगा. साथ ही हर टॉपिक पर वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण लेबल ऑटोमेटिक सेलेक्ट होगा और अपग्रेड होता जाएगा. देश के कई स्कूलों में इस तकनीक से पढ़ाई हो रही है. अब हजारीबाग भी इस आधुनिक तकनीक से पढ़ाई करने वाला राज्य का तीसरा जिला बन जाएगा.सरकारी स्कूल के बच्चे भी आधुनिक तकनीक से पढ़ाई करें, मुख्य उद्देश्य यही है और जो आकांक्षी जिले हैं, वहां इसकी शुरुआत होनी है. इसे भी पढ़ें :रांची">https://lagatar.in/ranchi-police-jawan-dies-under-suspicious-circumstances-marks-of-rope-found-on-his-neck/">रांची

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उपायुक्त के विशेष आग्रह और पहल पर हो रही शुरुआत

उपायुक्त नैंसी सहाय ने कहा जिले के छात्रों को आधुनिक तरीके से शिक्षा मिले, इसके लिए यह प्रयास है. इनसे सुदूरवर्ती क्षेत्र के छात्र ज्यादा लाभान्वित होंगे. साथ ही आवासीय स्कूलों की बच्चियों को फायदा होगा. कई स्कूल जो स्मार्ट क्लास से युक्त हैं, वहां यह तकनीक बेहद कारगर होगी. ऑडियो विजुअल के माध्यम से पढ़ने पर कांसेप्ट भी जल्द क्लियर होता है. हजारीबाग इस तकनीक से पढाई करने में पीछे नहीं रहे, इसलिए यह करार किया गया .

सरकारी स्कूलों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण पढाई ही उद्देश्य : अरुणाभ

एमवाईव के रीजनल मैनेजर अरुणाभ गुंजन ने बताया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैस इम्बाइव एप्प (इंडिया विसुअल लर्निंग लिमिटेड) झारखंड के चाईबासा और गिरिडीह में पहले से कार्य कर रही है. हजारीबाग तीसरा जिला होगा, जहां इसकी शुरुआत की जा रही है. दो साल के करार में यह पूरी तरह मुफ्त सेवा है. इससे जिले के छात्रों को बहुत फायदा होगा. अगर इससे मिलता-जुलता एप्प खरीदा जाए, तो एक छात्र को 5000 रुपए के लगभग खर्च आएगा. यह रकम छात्रों के लिए बहुत बड़ी है. ऐसे में इस मुफ्त सुविधा का लाभ छात्र भी खूब उठाएंगे. [wpse_comments_template]

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