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हजारीबाग : जनसेवकों ने मंत्री और विधायकों को सौंपा ज्ञापन समेत 3 खबरें

 
Hazaribagh : झारखंड राज्य जनसेवक संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चौथे दिन शुक्रवार को भी समाहरणालय के समक्ष सभी जनसेवकों ने धरना-प्रदर्शन किया. फिर मंत्री सत्यानंद भोक्ता को मांग पत्र सौंपा और समस्याओं से अवगत कराया. बाद में बरही विधायक सह सभापति निवेदन समिति झारखंड विधानसभा उमाशंकर अकेला, बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद, सदर विधायक मनीष जायसवाल और मांडू विधायक जयप्रकाश भाई पटेल को भी मांग पत्र सौंपा. इसके पूर्व बगोदर विधायक विनोद सिंह को धरना स्थल पर जनसेवकों ने अपना मांग पत्र समर्पित गया. इस पर मंत्री ने कहा कि कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री से इस संबंध में बात करेंगे. सभी जनप्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया कि न्याय मिलेगा. इसे भी पढ़ें :धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-case-filed-against-people-who-went-to-settle-the-fight-between-two-neighbors/">धनबाद:

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नगर निगम ने अनाधिकृत भवनों पर लगाया जुर्माना

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alt="" width="600" height="400" /> Hazaribagh : हजारीबाग नगर आयुक्त के आदेशानुसार नगर क्षेत्र में बन रहे अनाधिकृत भवनों तथा सड़कों पर डाले गए सी एंड डी वेस्ट की जांच की जा रही है. इस संदर्भ में शुक्रवार को नक्शा विभाग की ओर से बनाए जा रहे अनाधिकृत भवनों तथा सड़कों पर सी एंड डी वेस्ट रखने पर 27,000 रुपए जुर्माना लगाया गया. हुरहुरू रोड में जीतेंद्र शर्मा तथा सतीश कुमार को अनाधिकृत भवन निर्माण करने तथा आवश्यक दस्तावेज नहीं होने के कारण नोटिस निर्गत किया गया है. तीन दिनों के अंदर इन्हें कार्यालय में आवश्यक दस्तावेज जमा करने की मोहलत दी गई है. दस्तावेज जमा नहीं करने पर उन पर जुर्माना लगाया जाएगा. इस टीम में टाउन प्लानर आलोक नारायण, अर्बन प्लानर विनिता खालखो, कनीय अभियंता विकास रवानी, तहसीलदार प्रदीप गोस्वामी तथा सहायक मनोज उपस्थित थे. तीसरी खबर

भद्रकाली कॉलेज के पूर्व प्राचार्य के खिलाफ जांच की मांग

सिंडिकेट के पूर्व सदस्यों ने लगाया वित्तीय अनियमितता और गबन का आरोप, कार्रवाई की गुहार Hazaribagh : विनोबाभावे विश्वविद्यालय हजारीबाग के पूर्व सिंडिकेट सदस्य अमरदीप यादव और पंकज कुमार मेहता ने कुलपति डॉ मुकुल नारायण देव को ज्ञापन दिया है. उन्होंने ज्ञापन में कहा गया है कि भद्रकाली कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ सुरेंद्र कुमार के 2016-17 कार्यकाल के ऑडिट कराने का आदेश महाविद्यालय शासी निकाय की ओर से 2020 में दिया गया था. रांची के सीएएजे जयपुरियर एंड कंपनी की ओर से इसका ऑडिट कराया गया. इसमें कहा गया कि प्राचार्य डॉ सुरेंद्र कुमार के कार्यकाल का अंकेक्षण रिपोर्ट कॉलेज और बैंक स्टेटमेंट, डॉक्यूमेंट, रिकॉर्ड रजिस्टर, कॉलेज रूल्स एंड रेगुलेशन के आधार पर बनाया गया. इसमें भारी पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और गबन का मामला उजागर हुआ है. पूर्व सिंडिकेट सदस्यों ने कुलपति से इस मामले में जांच और कार्रवाई की मांग की है. इसे भी पढ़ें :अनोखी">https://lagatar.in/chandil-procession-taken-out-of-bullock-cart-to-give-the-message-of-nature-conservation/">अनोखी

शादी : चांडिल में प्रकृति संरक्षण का संदेश देने के लिए बैलगाड़ी से निकाली बारात

बिल नहीं जमा करने का आरोप

आवेदन में बताया गया है कि 18 मार्च 2020 को सीए की ओर से कॉलेज तथा चार सितंबर 2020 को भद्रकाली कॉलेज इटखोरी के जीबी की ओर से विभावि के कुलपति को कार्रवाई के लिए आवेदन दिया गया. इसमें कहा गया है कि वर्ष 2016-17 के दौरान प्राचार्य डॉ सुरेंद्र कुमार की ओर से 37 लाख 96 हजार 944 रुपए का 170 सादा वाउचर जमा किया गया, जिसका कोई कैशमेमो या बिल जमा नहीं किया गया है. बिना गवर्निंग बॉडी के अप्रूवल के बैंक से पैसे की निकासी की गई. मनीष कुमार नामक दानदाता की ओर से सचिव के रूप में चेक में साइन किया गया, जबकि वह सचिव नहीं थे और न ही जीबी की ओर से चेक में साइन करने के लिए अधिकृत थे.

42 लाख रूपये के गबन में कार्रवाई की मांग

प्रोफेसर जानकी ने वाउचर में हस्ताक्षर किया गया, जबकि जीबी की ओर से हस्ताक्षर करने के लिए वह भी अधिकृत नहीं थे. एप्लिकेशन फॉर्म बिक्री के पैसे बैंक में नहीं जमा कराए गए और मिलीभगत से गबन किया गया जिसका का आकलन पांच लाख रुपए तक का किया गया है. आवेदक ने कुल 42 लाख से अधिक रुपए के गबन और वित्तीय अनियमितता के लिए कार्रवाई की मांग की है तथा विश्वविद्यालय के किस अधिकारी या कर्मचारियों ने चार वर्षों तक फाइल दबा कर रखा गया इसकी जांच कराई जाए. [wpse_comments_template]
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