Hazaribagh : हजारीबाग दिलवालों का शहर है. यहां जब भी लोगों को जरूरत पड़ी, कोई न कोई बंदा रहनुमा बनकर सहयोग के लिए सामने आ जाता है. इस बार रामनगर निवासी बप्पी उर्फ करण शनिवार की रात गरीब, असहाय, मजदूरों और मरीजों के परिजनों को भोजन कराया. उन्होंने डीटीओ कार्यालय में लगभग 20, बस स्टैंड में 40 मजदूरों और रिक्शा चालकों के साथ अस्पताल में दर्जनों लोगों को खाना खिलाया. यही नहीं जो देर रात बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने में मजदूर लगाए गए थे, उन्हें भी भोजन कराया. उन्होंने निजी खर्च से लगभग 200 लोगों को भोजन कराया. बप्पी उर्फ करण छात्र हैं और जेपीएससी की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने दो बार साक्षात्कार भी दिया है. लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया. ऐसे में वह कोचिंग सेंटर में पढ़ा रहे हैं. उनकी यह सोच है कि जो व्यक्ति सक्षम है, उन्हें महीना में कम से कम एक दिन गरीब, असहाय, मजदूर तबके के लोगों को कम-से-कम एक वक्त का भोजन कराना चाहिए. इससे बड़ा पुण्य कुछ नहीं हो सकता. इसे भी पढ़ें : फार्मासिस्ट">https://lagatar.in/resentment-among-students-for-conducting-pharmacist-exam-in-only-one-center/">फार्मासिस्ट
की परीक्षा सिर्फ एक केंद्र में कराने को लेकर छात्रों में नाराजगी, मेंबर सेक्रेटरी ने पल्ला झाड़ा बप्पी उर्फ करण ने अपने परिवार वालों से इसके लिए मदद ली. घर के लोगों ने मिलकर खिचड़ी बनाई और उन्होंने अलग-अलग जगह पर जाकर उन्हें भोजन कराया.खिचड़ी के साथ पापड़, अचार और चटनी भी परोसा गया.बप्पी की यह कोशिश है कि सप्ताह में एक दिन इस तरह का काम कराया जाएगा. वहीं उन्होंने आम लोगों से अपील भी की है कि जो भी सक्षम व्यक्ति हैं, वह ऐसा अवश्य करें, ताकि कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं सोए. उनके इस काम में सचिन कुमार पांडेय, पवित्र गुप्ता, अमित सागर, संदीप सिन्हा, विशाल, कुलदीप, सनी सौरव और प्रकाश कुमार ने भी साथ दिया. इसे भी पढ़ें : झारखंड">https://lagatar.in/investigating-agencies-jharkhand-are-not-able-to-complete-the-investigation-of-big-cases-on-time/">झारखंड
की जांच एजेंसियां तय समय पर नहीं कर पाती बड़े मामलों की जांच पूरी [wpse_comments_template]
हजारीबाग : असहाय मजदूरों के लिए खड़ा हुआ युवक, निजी खर्च से देर रात 200 गरीबों को कराया भोजन
Leave a Comment