alt="" width="600" height="400" /> संगोष्ठी को रंजीत कुमार, अरुण वर्मा, बेवी देवी, डॉक्टर पवन कुमार सिंह, मनीष, नवीन भारद्वाज, श्वेता, ज्योति प्रिया आदि ने संबोधित करते हुए उसकी सार्थकता पर प्रकाश डाला. कई अभिभावकों ने डिजिटल बोर्ड से पढ़ाए जाने की शुरुआत की सराहना की और कहा कि रोटी बैंक जैसे कार्यक्रमों को उन लोगों ने अखबार में पढ़ा था. लेकिन यहां आकर देखने पर पूरी वस्तुस्थिति की जानकारी हुई. अभिभावकों ने मुख्य रूप से पुस्तकालय के समय को सही करने, बस सेवा को दुरुस्त करने और बिजली की आपूर्ति लगातार करने जैसे सुझाव दिए. मौके पर अवकाश प्राप्त शिक्षक डॉ बीपी सिंह, डॉ रीता कुमारी, डॉ प्रमोद कुमार और विभाग के प्राध्यापक डॉ. अजय बहादुर सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए अभिभावकों से सकारात्मक सहयोग की अपील की. संगोष्ठी का संचालन डॉक्टर अजय बहादुर सिंह ने किया व विभागाध्यक्ष डॉ सुकल्याण मोइत्रा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया. इसे भी पढ़ें: डुमरिया">https://lagatar.in/dumaria-road-dilapidated-from-seraldih-to-marangsongha-odisha-border-villagers-upset/">डुमरिया
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