में समस्याओं से कराह रहे लोग, राजनीतिक दलों को कोई लेना-देना नहीं
किन-किन क्षेत्रों से कितने आते हैं टैक्स
नगर निगम के अकाउंटेंट के अनुसार वर्ष 2022-23 में नगर निगम क्षेत्र की दुकानों से लगभग 86 लाख रुपए, वाटर टैक्स 18 लाख 34 हजार 757 रुपए, होल्डिंग टैक्स 9 करोड़ 68 लाख 81 हजार 765, ट्रेड लाइसेंस से 34 लाख 29 हजार 180 रुपए एवं होर्डिंग टैक्स 40 लाख दो हजार 32 रुपए आए. इसके अलावा चुंगी वसूली से करोड़ों की कमाई हो रही है. पार्किंग के अलग से टैक्स वसूले जा रहे हैं.alt="" width="600" height="340" />
नगर निगम में कार्यरत हैं 496 कर्मचारी
नगर निगम में छह सिटी मैनेजर के अलावा, 70 स्थायी कर्मी, 40 चालक समेत 201 अस्थाई कर्मी, और 185 दैनिक कर्मी शामिल हैं.कहां-कहां होता है खर्च
नगर निगम के अकाउंटेंट कैलाश कुमार कहते हैं कि छह सिटी मैनेजर का वेतन सरकार की ओर से आता है. ऐसे में 490 कर्मियों की पगार नगर निगम से दी जाती है. इसके अलावा स्टेशनरी, स्थापना मद, डीजल, रिपेयरिंग, वाहन टैक्स आदि में निगम को खर्च करना पड़ता है. लेकिन किस मद में कितना खर्च होता है, इस बारे में बताने से अकाउंटेंट टालमटोल करते हैं. इसे भी पढ़ें :पटना">https://lagatar.in/grand-gathering-of-opposition-parties-in-patna-meeting-may-be-held-on-june-12-lagatar/">पटनामें विपक्षी दलों का महाजुटान, 12 जून को हो सकती है साझा बैठक
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सरकार से भी मिलता है फंड
सरकार की ओर से नगर निगम क्षेत्र में विकास से संबंधित कार्यों के लिए पैसे आते हैं. नालियों, गलियों, सड़क के अलावा स्ट्रीट लाइट, सौंदर्यीकरण आदि के नगर विकास विभाग से फंड दिए जाते हैं. इसके लिए लगभग 32 अलग-अलग फंड के खाते भी खोले गए हैं.alt="" width="600" height="340" />
नागरिक सुविधाओं की सुध नहीं लेता नगर निगम : बबीता देवी
विश्वकर्मा मंदिर के पास वार्ड नंबर-1 निवासी बबीता देवी कहती हैं कि टैक्स वसूलने के लिए वक्त पर नगर निगम के कर्मी पहुंच जाते हैं. लेकिन नागरिक सुविधाओं की सुध लेने वाला कोई नहीं है. न वक्त पर पानी मिलता है और न नालियों की सफाई की जाती है. इस एरिया में जलजमाव की काफी खराब स्थिति है. हल्की बारिश में सड़क पर जल जमा हो जाता है.alt="" width="600" height="360" />
न सड़क और न नाली, घर में घुसता है गंदा पानी : विष्णुदेव राणा
वार्ड-1 के ही विष्णुदेव राणा कहते हैं कि उनके घर की गली में न सड़क है नाली. घर में गंदा पानी घुसता है. इसका निराकरण कौन करेगा. नगर निगम क्या सिर्फ टैक्स वसूली के लिए बना है. कहां जा रहा नागरिकों का पैसा. नगर निगम को हिसाब सार्वजनिक करना चाहिए.alt="" width="600" height="400" />
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