Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

हजारीबाग :  विभावि के इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स पर रोक

Advertisement
Advertisement
Hazaribagh :  विनोबा भावे विश्वविद्यालय के इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स पर रोक लग गयी है. इस वर्ष विनोबा भावे विश्वविद्यालय में  संचालित चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बी एड पाठ्यक्रम में 2022 -26  के लिये  नामांकन नहीं होगा.इस मामले में बताया गया कि  नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) ने सभी कॉलेजों को 31 मार्च तक परफारमेंस अप्रेजल रिपोर्ट (पार) भेजने को कहा था, जो भी कॉलेज इसे नहीं भेज पाएंगे उन्हें अगले सत्र से नामांकन नहीं करने दिया जाएगा. इसे भी पढ़ें-अदालतों">https://lagatar.in/regional-languages-should-be-promoted-in-a-big-way-in-courts-hemant-soren/">अदालतों

में क्षेत्रीय भाषाओं को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जाना चाहिए : हेमंत सोरेन विनोबा भावे विश्वविद्यालय के शिक्षा शास्त्र विभाग ने मात्र एम एड पाठ्यक्रम का पार भरा था. इंटीग्रेटेड बी एड का पार विभाग के द्वारा नहीं भरा गया.सभी टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज हर साल पार भरते हैं. पार में संस्थान की भूमि, संसाधन, फैकल्टी, उनके सभी प्रमाण पत्र, सैलरी स्लिप, योगदान करने का पत्र, ऑडिट रिपोर्ट, रिजल्ट सहित अन्य जानकारियां अप टू डेट की जाती है.अब सवाल यह है कि आखिर विश्वविद्यालय ने पार क्यों नहीं भरा. इसे भी पढ़ें-देवघर">https://lagatar.in/deoghar-trikoot-ropeway-accident-25-25-lakh-compensation-to-the-dependents-of-the-deceased/">देवघर

: त्रिकूट रोप-वे हादसा- मृतक के आश्रितों को मिला 25-25 लाख मुआवजा असल मे मामला यह है कि विभावि के बीएड पाठ्यक्रम में एक भी शिक्षक कार्यरत नहीं हैं. विभाग में एक भी शिक्षक का योगदान ही नहीं कराया गया है  जबकि पाठ्यक्रम 2018 से चल रहा है. विभावि ने 2016 में तत्कालीन रजिस्ट्रार ने  एनसीटीई को शपथ पत्र के साथ  चयनित 16 शिक्षकों की सूची भेजी थी. 2018 में एनसीटीई ने विश्वविद्यालय को रिकॉग्निशन दे दिया. इसे भी पढ़ें-हजारीबाग">https://lagatar.in/hazaribagh-five-and-a-half-year-old-arslan-has-kept-fasting-happiness-is-spread-not-only-in-the-house-but-also-in-the-locality/">हजारीबाग

:  साढ़े पांच साल के अरसलान ने रखा है रोजा, घर ही नहीं मोहल्ले में भी पसरी है खुशी प्रावधान के अनुसार चयनित शिक्षकों को योगदान कराते हुए पाठ्यक्रम प्रारंभ किया जाना था. पर शिक्षकों को योगदान कराने की बजाय अभी तक घंटी आधारित शिक्षकों से बीएड का पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा है. पार नहीं भरने के मामले में निदेशक डॉ. प्रणिता ने बताया कि शिक्षक नियुक्त नहीं हैं. इसलिये पार भरना संभव नहीं है.   [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही