2 दिनों में 300 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित
उत्तरी छोटानागपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स हजारीबाग के जिलाध्यक्ष शंभूनाथ अग्रवाल ने बताया कि इन दो दिनों में करीब 300 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित हुआ है. सरकार ने अगर कृषि बिल विधेयक को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और धारदार बनाया जाएगा. अब तक खाद्यान्न व्यवसायियों ने ही हड़ताल कर रखी है. आगे प्लाइवुड, सब्जी, फल समेत अन्य व्यवसायियों को भी आंदोलन से जोड़ा जाएगा. इस आंदोलन से जीएसटी, इनकम टैक्स समेत सभी को नुकसान झेलना पड़ रहा है. इन सबका जिम्मेवार राज्य सरकार है. इसे भी पढ़ें:धनबाद">https://lagatar.in/40-thousand-green-card-holders-of-dhanbad-district-did-not-get-ration-for-5-months/">धनबादजिले के 40 हजार ग्रीन कार्डधारियों को 5 माह से नहीं मिला राशन, भोजन के लाले
अब तक लौट चुके हैं अनाज लदे 70 ट्रक, बढ़ी दिहाड़ी मजदूरों की परेशानी
जिले भर में कृषि शुल्क विधेयक के खिलाफ आंदोलन का व्यापक असर दूसरे दिन भी देखने को मिला. चरही, हजारीबाग शहर से लेकर बरही तक प्रतिष्ठान बंद रहे. व्यापारियों का कहना है कि 300 करोड़ रुपए का नुकसान दो दिनों में हजारीबाग जिले को हुआ है. प्रत्येक दिन 35 से 40 ट्रक खाद्य वस्तु विभिन्न जिलों और राज्यों से पहुंचता है. दो दिनों में करीब 70 ट्रकों पर लदे खाद्य वस्तु जिसमें आटा, चावल, तेल, आलू, प्याज हजारीबाग पहुंचे थे. लेकिन हड़ताल के कारण इन ट्रकों से अनाज नहीं तारे गए. बाजार में सन्नाटा पसरा रहा.alt="" width="600" height="320" />
दूसरे राज्यों से आए अनाज नहीं किए गए अनलोड
हजारीबाग में आटा-मैदा बनारस से आता है. वहीं गेहूं और सरसों तेल राजस्थान से. रिफाइन तेल कोलकाता से, उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से चीनी पहुंचती है. हरी सब्जियां हजारीबाग से बंगाल समेत झारखंड के कई जिलों तक व्यापारी लेकर पहुंचते हैं. हजारीबाग में प्रत्येक दिन पांच ट्रक आटा, दो ट्रक दाल, दो ट्रक चीनी, दो ट्रक रिफाइन, तीन ट्रक सरसों तेल और दस ट्रक गेहूं पहुंचता है. लेकिन अनलोडिंग नहीं होने से दिहाड़ी और मोटिया मजदूरों की कमाई मारी गई. आमजन भी अनाजों की खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं. इसे भी पढ़ें:धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-kakos-virat-restaurant-vandalized-incident-captured-in-cctv/">धनबाद:काको के विराट रेस्टुरेंट में तोड़फोड़, घटना सीसीटीवी में कैद

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