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हजारीबाग : ग्रामीण क्षेत्रों में भी नवरात्र का उल्लास, मां से मनोरथ पूरे होने की आस

Hazaribag :  हजारीबाग जिले के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी नवरात्र का उल्लास परवान पर है. श्रद्धालु माता के मनोहारी रूपों का दर्शन कर मनोरथ पूरा होने की आस लगाए हुए हैं. सदर प्रखंड, दारू, झुमरा, कटकमसांडी, कटकमदाग, केरेडारी के कंडाबेर आदि में भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है. कटकमसांउी के खुटरा में पहली बार मां की प्रतिमा स्थापित कर पूजा हो रही है.

पूजा पंडालों में उमड़े श्रद्धालु

बरही में सात पूजा पंडालों सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति गया रोड, पुराना दुर्गा मंदिर, नया दुर्गा मंदिर और अफीम कोठी, करियातपुर रसोइयाधमना, गौरियाकर्मा और चतरो में माता की प्रतिमा देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई है. सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति गया रोड का पंडाल कोलकाता के मायापुरी स्थित राधाकृष्ण के इस्कॉन मंदिर के भव्य व आकर्षक रूप में तैयार किया गया है. यह पंडाल करीब 5000 वर्ग फीट में 10 लाख की लागत से कोलकाता के कारीगरों ने एक महीने के अथक परिश्रम से तैयार किया है. पंडाल परिसर से सटे बड़े क्षेत्र में मीना बाजार लगाया गया है. इसे भी पढ़ें–गिरिडीह">https://lagatar.in/giridih-kisan-mahasabha-burnt-effigy-of-pm-modi/">गिरिडीह

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चौपारण में नौ जगहों पर हो रही मां दुर्गा की पूजा

चौपारण दुर्गा पूजा पंडाल समिति की ओर से दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर की झलक दिखाई दे रही है. छह लाख की लागत से प्रतिमा निर्माण धनबाद के बलियापुर के कारीगरों ने किया है. इस वर्ष डांडिया नाइट का भी आयोजन हो रहा है. चौपारण में सिंघरावां, रामपुर बसरिया, दैहर, पांडेयवारा, हथिंदर, मानगढ़ समेत नौ जगहों पर पूजा हो रही है.

बड़कागांव के 12 गांवों में मनाया जा रहा नवरात्र

बड़कागांव प्रखंड के 12 गांवों में आश्विन दुर्गा पूजा हो रही है. 126 वर्ष पूर्व आश्विन दुर्गा पूजा मनाने को शुरुआत अंबाजीत गांव से हुई थी. इसके अलावा उरीमारी, नापोखुर्द , बड़कागांव दैनिक बाजार, बादम, हरली, बरवाडीह, सांढ, गोंदलपुरा, महुंगाई कला, सुकुल खपिया और उरूब में प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जा रही है. वहीं पूर्व की तरह गोसाई बलिया तथा पिपराडीह में देवी मंडप में भी ग्रामीण धूमधाम से पूजा कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें–रेल">https://lagatar.in/dependent-has-no-right-to-appoint-on-compassionate-grounds-concession-supreme-court-2/">रेल

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इचाक में निराकार देवी की उपासना, विष्णुगढ़ में महामाया की आराधना

इचाक के बुढ़िया माता मंदिर में निराकार देवी की उपासना होती है. ऐसी आस्था है कि यहां माता से मन्नत करने पर अवश्य पूरी होती है. मनोकामना पूर्ण होने पर श्रद्धालु वहां रक्षासूत बांधते हैं. इधर विष्णुगढ़ के बनासो स्थित महामाया मंदिर में देवी की आराधना के लिए श्रद्धालुओं की काफी भीड़ उमड़ती है. इचाक में एक दर्जन से अधिक जगहों इचाक मोड़, इचाक बाजार, डुमरौन, तिलरा, नावाडीह, पुनाई बलिया, देवकुली आदि में पूजा पंडाल में माता की उपासना की जा रही है. [wpse_comments_template]

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