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हजारीबाग : शराबियों का सेफ जोन बना कॉलेज रोड

पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल Hazaribagh: मयखाने से शराब से साकी से जाम से, अपनी तो जिंदगी शुरु होती है शाम से... पंकज उधास की मशहूर गजल की लाइनें इन दिनों जिले के शराबियों के जीने का शगल बन चुकी है. जिला मुख्यालय को कोडरमा, चतरा, और रामगढ़ से जोड़ने वाला मुख्यपथ इन दिनों शराबियों की पहली पसंद बन गया है. यहां न सिर्फ खुलेआम शराब बेची जा रहे हैं, बल्कि यहां शराब परोसने के साथ हर क्वालिटी के चखना की भी मुकम्मल व्यवस्था है. जिला मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित डिस्ट्रिक मोड़ और संत कोलंबस कॉलेज रोड के बगल वाला इलाका इन दिनों अचानक सुर्खियों में है. दरअसल यहां अचानक से मछली व चखना आइटम्स की दर्जनों दुकानें खुल गई है. दुर्भाग्य की बात तो यह है कि मछली बिक्री के उद्देश्य से खोली गई इन दुकानों में मछली बिक्री से ज्यादा यहां नशेड़ियों के बीच चखना की आपूर्ति की जा रही है. इसे भी पढ़ें-चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-geeta-and-madhu-koda-are-leaders-without-ideas-ramhari-gop/">चाईबासा

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शराब के साथ चखना की भी भरपूर व्यवस्था

साफ शब्दों में कहा जाए तो डिस्ट्रिक मोड़ और संत कोलंबस कॉलेज रोड का इलाका इन दिनों नशेड़ियों और शराबियों का सेफ जोन बन चुका है. यहां कच्चा मछली की बिक्री के अलावा फ्राई फिश और अन्य चखना की भी सुविधा दी जाती है. इतना ही नहीं दुकानों के पीछे जंगल-झाड़ी में शराब की भी बिक्री की जा रही है. शराबी पहले मांस-मछली खरीदते हैं और फिर मौके पर ही फ्राई करवा कर चखना के रूप में इस्तेमाल करते हैं. दुकानों के पीछे झाड़ियों में शराबियों की महफिल जमती है. घंटों बैठकी का दौर चलता है. ऐसे में इस इलाके में किसी अप्रिय वारदात के घटने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है. लोगों का कहना है कि अगर इस इलाके में अपराध का ग्राफ बढ़ता है और किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटती है, तो इसका जिम्मेवार कौन होगा? क्योंकि शराबी आए दिन आने-जाने वाले लोगों से दुर्व्यवहार करते रहते हैं.

पुलिस को सूचना देने के बावजूद कार्रवाई नहीं

संत कोलंबस कॉलेज होकर जाने वाले विद्यार्थियों ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया कि झाड़ियां के बीच दर्जन भर से ज्यादा तंबू लगाकर दुकान चल रहे हैं और यहां शराब बिक्री का गोरखधंधा चल रहा है. इतना ही नहीं, कई महिलाएं भी इन दुकानों के पीछे झाड़ियां में खुलेआम शराब परोसती दिख जाएंगी. भविष्य में अगर कोई बड़ा घटना हो, तो उसके लिए जिम्मेवार कौन होगा? दर्जनों बार पुलिस से इसकी शिकायत की गई, लेकिन पुलिस कार्रवाई करने के बजाय मौन व्रत धारण किए हुए है. शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर लोग पुलिस की भी सांठगांठ की आशंका व्यक्त कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें-धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-pm-inaugurates-3-underpasses-between-gomo-and-telo-railway-stations/">धनबाद

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कहां-कहां अवैध रूप से हो रही शराब की बिक्री

हजारीबाग शहर के झील जेल रोड, डिस्ट्रिक मोड़, संत कोलंबस रोड, बड़कागांव रोड, कटकमसांडी रोड, रांची-पटना रोड के अलावा अब ग्रामीण इलाके के बाजारों में भी अवैध रूप से शराब बिक्री का कारोबार फल फूल रहा है. इन इलाकों में दोपहर बाद से ही झाड़ियों और कोने में शराबियों की महफिल सजने लगती है. इससे आसपास रहने वाले लोगों को हमेशा अप्रिय घटना का भय सताता रहता है. शराब पीन के बाद शराबियों की जुबान बहकती है और आते-जाते राहगीरों, विशेष कर महिलाओं और युवतियों पर फब्तियां कसने से भी ये लोग बाज नहीं आते हैं. ऐसे में पुलिस को सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है.

क्या कहते हैं सहायक उत्पाद आयुक्त

हजारीबाग के सहायक उत्पाद आयुक्त सुनील कुमार चौधरी ने कहा कि अवैध शराब बिक्री को लेकर समय-समय पर उत्पाद विभाग द्वारा जांच की जाती है. अवैध शराब बिक्री की सूचना आपके द्वारा मिल रही है. इस मामले की जांच कर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी. [wpse_comments_template]

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