- कॉरपोरेट घरानों व भू-माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप.
- एसीबी ने मंत्रिमंडल सचिवालय को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा.
Ranchi / Hazaribag : हजारीबाग के उपायुक्त (DC) एवं प्रथम अपीलीय प्राधिकारी तथा संबंधित लोक सूचना पदाधिकारी के खिलाफ साक्ष्य छुपाने और पद के दायित्वों के दुरुपयोग का आरोप है. मामले को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) मंत्रिमंडल निगरानी को पत्र लिखा है. साथ ही कार्रवाई करने की अनुशंसा की है.
जानकारी के मुताबिक मामला हजारीबाग में एनएच-522 (NH-522) फोर-लेन निर्माण, गोंदलपुरा कोल ब्लॉक और चंद्रगुप्त कोल परियोजना में भूमि अधिग्रहण व मुआवजे से जुड़े दस्तावेजों को जानबूझकर छुपाने का है. आरोप है कि मामले में भू-माफियाओं और कॉरपोरेट घरानों को संस्थागत संरक्षण दिया गया है.
एसीबी के डीएसपी ने 28 अक्टूबर 2026 को मंत्रिमंडल निगरानी को एक पत्र लिखा है. एसीबी ने यह पत्र हजारीबाग बार एसोसिएशन के अधिवक्ता पवन कुमार यादव की शिकायत के बाद लिखा है. एसीबी के पत्र में उल्लेख किया गया है कि अधिकारियों पर भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) 2023 की धारा-74, 75 एवं 76 का खुला उल्लंघन करते हुए लोक अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने से जानबूझकर इनकार करने का आरोप है.
अधिवक्ता पवन कुमार यादव ने जो शिकायत की है, उसके मुताबिक अधिकारियों ने पद की शक्तियों का दुरूपयोग कर भू-माफिया एवं कॉरपोरेट की संलिप्तता को छिपाने तथा भ्रष्टाचार व घोटालों के साक्ष्य नष्ट करने व गोपनीय रखने का प्रयास किया गया है.
इन तीन बड़े प्रोजेक्ट्स की फाइलें दबाने का है आरोप
- जानकारी के मुताबिक अधिवक्ता पवन कुमार यादव ने 13 अप्रैल 2026 को भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 74(1) और आरटीआई अधिनियम की धारा 6(1) के तहत 6 प्रमुख बिंदुओं पर प्रमाणित प्रतियों की मांग की थी.
- एनएच-522 (हजारीबाग-बगोदर) फोर-लेन अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत वर्ष 2023 के सर्वे अनुसार मापी, आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों का अवार्ड विवरण और मुआवजा दर (Compensation Rates) निर्धारण प्रक्रिया का ब्यौरा.
- बड़कागांव स्थित गोंदलपुरा कोल ब्लॉक ब्लॉक हेतु "प्रपत्र-1" जारी करने के लिए अडानी एंटरप्राइजेज के उपाध्यक्ष द्वारा 26 अक्टूबर 2022 को भेजे गए पत्र एवं उसके सभी संलग्नकों की प्रति.
- केरेडारी स्थित चंद्रगुप्त कोल परियोजना (CCL) परियोजना के लिए भूमि हस्तांतरण के संबंध में निर्गत राज्यादेश की सत्यापित प्रति.
उच्चस्तरीय जांच और साक्ष्यों की सुरक्षा की मांग
- शिकायतकर्ता अधिवक्ता पवन कुमार यादव ने मांग की है कि दोषी अधिकारियों को निलंबित कर तत्काल उच्चस्तरीय विभागीय जांच (Departmental Inquiry) शुरू की जाए.
- एसीबी (ACB) द्वारा प्रारंभिक जांच (PE) दर्ज कर संबंधित कार्यालय की मूल फाइलों, अवार्ड रजिस्टरों, सर्वे अभिलेखों और ई-मेल रिकॉर्ड को किसी निष्पक्ष दल की अभिरक्षा में लिया जाए, ताकि जांच के दौरान साक्ष्यों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ या विलोपन (Tampering of Evidence) न हो सके.