Search

 
 
 

हजारीबाग : तिरंगे में लिपटा पहुंचा एयरफोर्स के जवान का पार्थिव शरीर

 
बरही के लाल लक्की को दी गई सलामी, नम हो उठीं लोगों की आंखें बीमारी ने ले ली जान, तिरंगे को चूम फफक उठीं मां Barhi : एयरफोर्स के जवान लक्की कुमार का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ रांची से शुक्रवार को बरही के करसो स्थित उनके पैतृक आवास पर एंबुलेंस से पहुंचा. वीर सपूत का पार्थिव शरीर पहुंचते ही उनके अंतिम दर्शन के लिए करसो के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. करीब दो घंटे के इंतजार के बाद एयरफोर्स के पांच सदस्यीय जवानों की टीम भी लक्की के आवास पर पहुंचे. इस दु:खद बेला में सभी की आखें नम थीं. उसके बाद एयरफोर्स के वारेंट ऑफिसर शिवलाल सिंह ने मृतक के पार्थिव शरीर को सलामी दी. एयरफोर्स के जवानों ने उनके माता-पिता को मृतक के पार्थिव शरीर के पास बुलाया और उनके समक्ष तिरंगे से लिपटा जवान के पार्थिव शरीर से ससम्मान तिरंगे को हटाया. फिर तिरंगे को सम्मान पूर्वक उनके माता-पिता को सुपुर्द किया. मृतक जवान के माता के हाथों में तिरंगा जाते ही वह तिरंगा को चूम कर फफक पड़ीं. उसके बाद एयरफोर्स के वारंटी ऑफिसर ने लक्की के पिता के साथ विधि पूर्वक औपचारिकताओं को पूरा किया. इसे भी पढ़ें-हजारीबाग">https://lagatar.in/hazaribagh-elephants-create-havoc-loss-of-rs-10-15-lakh-villagers-in-panic/">हजारीबाग

: हाथियों ने जमकर मचाया उत्पात, 10-15 लाख का नुकसान, दहशत में ग्रामीण

ज्वाइनिंग के तीन माह बाद बिगड़ने लगी तबीयत

मृतक के पार्थिव शरीर पहुंचने के पहले उनके बैच के साथी रिशु कुमार (नालंदा) भी पहुंचे हुए थे. उन्होंने बताया कि लक्की 02/21 इनटेक के सेना थे. उनकी ज्वाइनिंग फरवरी 2021 में हुई थी. ट्रेनिंग 26 मई 2022 से अप्रैल तक चला. जिसके बाद यूपी के सहारनपुर में उनकी पहली पोस्टिंग लैंडिंग एयरक्राफ्ट मैन पोस्ट पर हुआ. तीन महीने में उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई. उनका इलाज आर.आर. हॉस्पिटल दिल्ली में किया जा रहा था. इलाज के ही दौरान सिक लीव में वह घर आए हुए थे.

रांची एम.एच. में थे भर्ती

उसके बाद उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने के कारण उन्हें रांची एम.एच. में भर्ती किया गया. वहीं इलाज के दौरान उनका देहांत हो गया. लक्की कुमार का संध्या पहर अंतिम संस्कार करसो नदी घाट पर किया गया.

भामाशाह विद्यालय में हुई थी प्रारंभिक शिक्षा

ग्रामीणों ने बताया कि उनके पिता वीरेंद्र कुमार यादव बीआरसी में विजिट का कार्य करते हैं और उनकी माता चुनकी देवी करसो भाग-2 में सेविका पद पर कार्यरत हैं. मृतक के बड़े भाई सिंटू कुमार यादव और माता-पिता हैं. लक्की की पढ़ाई भामाशाह विद्यालय बरही में हुई थी. इसे भी पढ़ें-हाईकोर्ट">https://lagatar.in/the-period-of-instability-of-the-government-will-start-as-soon-as-the-vikramaditya-commission-report-is-filed-in-the-high-court-saryu/">हाईकोर्ट

में विक्रमादित्य आयोग की रिपोर्ट दाखिल होते ही शुरू होगा सरकार की अस्थिरता का दौर : सरयू

ग्रामीणों ने जताया शोक

मौके पर भामाशाह के प्राचार्य रजनीश कुमार के साथ सभी शिक्षक उपस्थित हुए और शोक संवेदना प्रकट की. मौके पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष रमेश ठाकुर, राजसिंह चौहान, जिला परिषद सदस्य रवि शंकर अकेला, विहिप सह मंत्री गुरुदेव गुप्ता, अर्जुन साव, भुनेश्वर यादव,मुखिया प्रतिनिधि मुकेश राम, पंचायत समिति सदस्य जीतू ठाकुर, आरएनवाई कॉलेज के दिनेश यादव, यमुना यादव, छोटू गोप, मिथिलेश सिंह, गोपाल राणा, केदार सिंह, राजदेव महतो, प्रमोद यादव, राजू सिंह, मंजीत यादव, मनोहर यादव, ओम यादव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे. [wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही