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हजारीबाग जिला बार एसोसिएशन चुनाव की सरगर्मी तेज, नामांकन की प्रक्रिया खत्म समेत दो खबरें

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Hazariabagh : हजारीबाग जिला बार एसोसिएशन चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है. जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे अधिवक्ता अपने-अपने पक्ष में मतदान करने के लिए वकीलों को गोलबंद करना शुरू कर दिए हैं. शुक्रवार को नामांकन का अंतिम दिन था और अबतक बार चुनाव में विभिन्न 17 पदों के लिए 71 लोगों ने नामांकन कराया है. शनिवार को नाम वापसी की अंतिम तिथि है और स्क्रूटनी होगी. वहीं 15 अक्तूबर को सिंबल और सीरियल नंबर का वितरण किया जाएगा. 20 अक्तूबर को मतदान होगा और उसी दिन मतगणना होगी. 26 अक्तूबर को प्रमाण पत्रों का वितरण होगा. नामांकन के अंतिम दिन तीन सदस्यों ने नामांकन किया. गुरुवार को सबसे अधिक 62 लोगों ने नामांकन दाखिल किया था. अध्यक्ष पद के लिए सबसे कम तीन प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है. इनमें दो पुराने चेहरे हैं और एक नए उम्मीदवार भैया संजय हैं. इसी तरह कार्यकारिणी के नौ पदों के लिए 25 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है. यह जानकारी मुख्य चुनाव पदाधिकारी कृष्णदेव शर्मा, सहायक चुनाव पदाधिकारी डॉ संतोष पांडेय और मनीष चंद्रा ने दी. उनके ही समक्ष उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया. अध्यक्ष पद के उम्मीदवार : राजकुमार, जवाहर प्रसाद और भैया संजय ने पर्चा दाखिल किया. उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार : विजय कुमार सिंह, अजय कुमार, रंजन प्रसाद, अशोक कुमार सिन्हा, ममता कुमारी, शैलेन्द्र कुमार सिन्हा, शंभू कुमार, गोवर्धन साव और अभय कुमार सिंह. महासचिव पद के उम्मीदवार : सुमन कुमार सिंह, महावीर प्रसाद, दुर्गा प्रसाद जायसवाल, राज प्रकाश, हीरालाल और रंजीत कुमार राणा. कोषाध्यक्ष पद के उम्मीदवार : कौलेश्वर प्रसाद कुशवाहा, दिलीप कुमार सिन्हा, संतोष कुमार ठाकुर, मनोज कुमार यादव, भरत कुमार और आशीष कुंदन. सहायक कोषाध्यक्ष पद के लिए : प्रदीप साव, प्रवीण कुमार सिंह, कुमार ज्योति भूषण, विष्णु दयाल कुशवाहा, मोहम्मद इम्तियाज, सुरेश कुमार वर्मा, सचिव लाइब्रेरी के लिए राजेश कुमार सिन्हा, स्वप्न कुमार, विनोद कुमार सिन्हा, योगेंद्र राणा, विकास कुमार, कुणाल कुमार, संत कुमार दीक्षित, कमाल अवरोही और राजेश कुमार शर्मा. संयुक्त सचिव प्रशासनिक के लिए : रंजीत कुमार सिन्हा, प्रमोद कुमार सिंह, अनुज कुमार राय, दीपक कुमार, और निवेदिता श्री. कार्यकारिणी सदस्य के लिए : धनेश्वर महतो, इंद्र कुमार पंडित, दीपक कुमार, वेकटेश्वर भवानी, अनुराधा मिश्रा, डा चंदन कुमार, संगीता सिन्हा, राजेश कुमार रंजन, वैभव कुमार, चंद्रिका प्रसाद, गौरी शंकर प्रसाद, आशीष कुमार दुबे, सुबोध कुमार भगदेश, उत्तम कुमार सिंह, अशोक कुमार, विजय कुमार, शिवदत कुमार, राहुल कुमार, मनमीत कुमार, मो. शहजाद अनवर, मनोहर साव, मनोज कुमार शर्मा, मोहम्मद शाह और भैया सुमित सिन्हा ने नामांकन पर्चा भरा है.

खेती करने के लिए अनुदान में मिला ट्रैक्टर, महिलाओं के खिले चेहरे

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कहा-अब 20 एकड़ जमीन पर लहलहाएगी फसल तमन्ना आजीविका सखी मंडल की महिलाओं को मिला बड़ा सहारा

Hazaribagh : महिलाएं जो कभी गाड़ी में बैठने से भी डरती थीं, आज ट्रैक्टर चलाने को तैयार हैं. सरकार भी ऐसी महिलाओं को प्रोत्साहित कर रही है. हजारीबाग के सुदूरवर्ती बरही प्रखंड के कोल्हुवा पंचायत के बेला गांव की 12 महिलाओं के समूह को ट्रैक्टर अनुदान में दिया गया है. तमन्ना आजीविका सखी मंडल पिछले कई महीनों से समूह बनाकर अपना जीवन यापन कर रही है. मूल रूप से यह महिलाएं खेती करना चाहती हैं. लेकिन ट्रैक्टर नहीं होने के कारण बैल से इन्हें खेत जोतना होता था. ऐसे में खेत भी परती रह जाती थी और खेती भी नहीं हो पाती थी. महिलाओं के पास लगभग 20 एकड़ जमीन है. इसमें धान, गेहूं, मक्का, आलू और सब्जी की खेती होती है. महिलाएं आपस में सब्जी की खेती कर पैसे कमाती हैं और फिर उससे अपना घर परिवार चलाती हैं. हजारीबाग जिला प्रशासन ने अनुदान पर उन्हें ट्रैक्टर उपलब्ध कराया है. महज एक लाख 97 हजार 146 रुपए में उन्हें ट्रैक्टर मिल गया और 80% अनुदान सरकार ने दिया है. यह पैसे भी महिलाओं ने आपस में जमा करके बैंक को दिया. अब महिलाओं को ट्रैक्टर की चाबी मिल चुकी है और वह ऊंची उड़ान उड़ने को तैयार है. कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की ओर से कृषि यंत्रिकीकरण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत महिलाओं को ट्रैक्टर उपलब्ध कराया गया है. ट्रैक्टर पाने वाली महिला सिद्धिका खातून बताती हैं कि ट्रैक्टर मिलने के बाद अब इसे चलाने का भी प्रशिक्षण लेंगे, ताकि खूब मेहनत करके अपने खेतों में अनाज उगाया जा सके. इस समूह में नगर खातून, सलमा खातून, सोनी खातून, ललिता देवी, रुखसाना खातून समेत कई महिलाएं शामिल हैं. महिलाएं कहती हैं कि खेत में फसल नहीं होने पर दो तरह का नुकसान किसानों को होता है. जानवरों को चारा भी नहीं मिलता है. इस कारण भी अब ग्रामीण इलाकों में जानवरों की कमी हो रही है. ट्रैक्टर मिल जाने के बाद खेत में फसलें भी होंगी और जानवरों को चारा भी मिल पाएगा. इसे भी पढ़ें : समय">https://lagatar.in/108-ambulance-not-found-on-time-girl-and-woman-commit-suicide-three-news-from-jamshedpur-including/">समय

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