महीने से टेंडर-टेंडर खेल रहा जुडको, 4 फुट ओवरब्रिज बनाने के लिए एक भी बिल्डर नहीं मिला जिला प्रशासन नगवां टोल प्लाजा के आसपास अतिक्रमण कर व्यवसाय कर रहे अतिक्रमणकारियों को हर माह नोटिस जारी कर अपील कर रहा था कि जो भी जमीन अतिक्रमण किए हुए हैं, वह अपना प्रतिष्ठान हटा लें. लेकिन अतिक्रमणकारियों ने अपील को नजरअंदाज कर दिया. ऐसे में कार्रवाई करते हुए होटल, गुमटी, चाय दुकान एवं अन्य तरह के अतिक्रमण को मंगलवार को हटाया गया. वहीं समारणालय परिसर के आसपास गुमटी और चाय की दुकान सरकारी जमीन पर लगाई गई थी. उन इलाकों को भी अतिक्रमण मुक्त कराया गया. यह पूरा ऑपरेशन सदर सीओ राकेश कुमार और लोहसिंगना थाना प्रभारी अरविंद कुमार की देखरेख में चलाया गया. प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन का अतिक्रमण कर कारोबारी अपनी दुकान चला रहे हैं. दूसरी ओर यहां अपराधियों का अड्डा बन गया था, जहां नशे के सामान बेचे जाते थे.
बड़े कारोबारियों पर जिला प्रशासन की नहीं होतीं नजरें इनायत
अतिक्रमण हटाओ अभियान में अपना व्यवसाय गंवाने वाले छोटे दुकानदारों का कहना है कि हजारीबाग जिला प्रशासन में एक आंख में काजल और दूसरी आंख में सूरमा वाली स्थिति है. जिला प्रशासन वैसे छोटे-छोटे दुकानदारों की दुकानों पर बुलडोजर चला रहा है, जो बेहद कम पूंजी लगाकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर हजारीबाग मेन रोड में शायद ही ऐसा कोई दुकानदार है, जिसने अतिक्रमण नहीं कर रखा है. लेकिन बड़े कारोबारियों पर जिला प्रशासन की नजरें इनायत नहीं होती हैं. उनकी दुकानों के खिलाफ प्रशासन सिर्फ खानापूर्ति करता है. इसे भी पढ़ें : तीन">https://lagatar.in/31-jawans-including-three-sub-inspectors-deputed-to-police-headquarters/">तीनसब इंस्पेक्टर समेत 31 जवान पुलिस मुख्यालय में प्रतिनियुक्त [wpse_comments_template]

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